- पूरे मार्ग पर छोटे-बड़े सैकड़ों गडढे, तीन गडढे 10 मीटर तक चौड़े
- गडढों में भरे पानी में डूब जाते है वाहनो के पहिए
कानपुर। शहर में विकास कही दिखाई नही दे रहा है। विभागी बाते केवल हवा-हवाई ही है। नगर की सडकों की हालत स्वयं अपनी दुर्दशा बयांन कर रही है। समाचार पत्रों में लगातार सडकों की दुर्दशा की खबरो के बाद भी विभागीय अधिकारी सोये पडे है और शहरवासी सडकों पर जूझते रहते है। शहर का कोई भी हिस्सा हो जल भराव और खराब सडकों से भरा हुआ है। नालिया लगभग गायब हो चुकी है। नालों की सफाई की ही नही गयी।
फील्ड वर्कर केवल अधिकारियों को रिपोर्ट सौंप देते है और जमीनी हकीकत न सम्बन्धित अधिकारी और न ही शहर की मेयर देखती है। यूं तो चौतरफा शहर में सडकों की हालत खराब है, लेकिन कुछ स्थानों पर तो पैदल भी चलना दूभर हो चुका है। ऐसी ही हालत न्यूआजाद नगर- सतबरी मार्ग का है।
बतादें कि बीते पांच वर्षो से सतबरी, न्यूआजाद नगर क्षेत्र की कई गलियों का निर्माण नही कराया गया है, इसी प्रकार सडकों के बनवाने का भी काम नही किया गया है। आलम यह है कि अब यहां बडे-बडे गड्ढे हो चुके है। कई बार स्थानीय लोगो ने इस सम्बन्ध में पत्र लिखा, क्षेत्रीय पार्षद से भी कहा लेकिन नतीजा कुछ नही निकला। इस मार्ग से प्रतिदिन हजारो वाहन निकलते है। सडकों के कीचड और पानी भरे गडढे वाहन चालकों तथा राहगीरों के लिए जानलेवा साबित होते जा रहे है। पांच सालों से सरकारी विभाग द्वारा कोई कार्य न कराये जाने को लेकर स्थानीय लोगों में काफी रोष है।
सडकों पर झाडू नही लगती। नालिया अतिक्रमण के कारण बंद है, सडकों पर पानी भरा रहता है। नालों की सफाई की नही गयी और खामयाजा आम जनता भुगत रही है। अधिकारियों के पास केवल एक रटा-रटाया जवाब होता है कि जल्द या वर्षा रूकने के बाद गडढों को ठीक कराया जायेगा, नालिया साफ कराई जायेगी, इसका मतलब कि बरसात के पहले ऐसा कोई कार्य नही किया गया जो जनता के हित में हो या फिर सिर्फ कागजी खानापूर्ति ही की जाती है।
