रेलवे में यूनियनों की मान्यता का चुनाव हो रहा है इस अवसर पर अनेक संगठन अलग-अलग मुद्दों पर चुनाव लड़ रहे हैं इस अवसर पर ओबीसी संगठन के क्या मुद्दे हैं इस विषय पर विस्तृत बातचीत इलेक्ट्रिक लोको शेड एवं टीएम शेड के शाखा मंत्री बाल गोविंद साहू जी से हो रही है
प्रश्न
रेलवे यूनियन के मान्यता के चुनाव में क्या आपका ओबीसी असोसिएशन भाग ले रहा है?
उत्तर
क्योंकि यहां रेलवे में यूनियन मान्यता का चुनाव है, हमारा संगठन इस चुनाव में भाग प्रत्यक्ष तौर पर नहीं ले रहा है, लेकिन हमारा संगठन मुद्दों के आधार पर किसी भी अन्य संगठन को समर्थन देने के लिए स्वतंत्र है।
प्रश्न
क्या यूनियनों के मान्यता के चुनाव में ओ पी एस या यूपीएस या एनपीएस भी एक मुद्दा है?
उत्तर
यूनियनों के मान्यता के चुनाव में ओ पी एस या यूपीएस भी एक मुद्दा है और सभी कर्मचारी एकजुट होकर ओ पी एस के मुद्दे पर मतदान करने के लिए सहमत हैं।
प्रश्न
रेलवे में यूनियनों की मान्यता के लिए जो संगठन चुनाव लड़ रहे हैं, उनसे ओबीसी संगठन की क्या मांगे हैं?
उत्तर
ओबीसी संगठन की कोई विशेष मांग नहीं है, मांगे वही पुरानी है जिसमें की ओबीसी के कर्मचारियों को भी केंद्र सरकार की रेलवे की नौकरियों में प्रमोशन में आरक्षण प्रदान किया जाए। ओबीसी के कर्मचारियों को भी प्रमोशन के लिए प्री कोचिंग प्रदान की जाए।
ओबीसी कर्मचारी जिस पद के लिए सक्षम है, उनको भी बिना भेदभाव के उस सक्षम पद पर पोस्टिंग दी जाए।
ओबीसी कर्मचारी के साथ यदि किसी प्रकार का भेदभाव होता है तो यूनियन ओबीसी कर्मचारी का साथ दें।
साथ ही साथ पिछले कई वर्षों से लगातार महंगाई के कारण कर्मचारियों के वेतनमान में बढ़ोतरी हुई है, इसके अनुपात में क्रीमी लेयर के लिए जो सीमा निर्धारित की गई है उसमें वृद्धि नहीं की गई है अतः इसमें भी वृद्धि की जाए। पूर्व मे वर्ष 2016 मे वृद्धि की गयी थी जिसे 8 लाख किया गया था तब से अब तक कोई वृद्धि नही हुई है अतः इसे वर्तमान राशि का लगभग दुगना होना चाहिए।
ओबीसी संगठन को प्राथमिकता के आधार पर कार्यालय आवंटित किया जाए।
जो भी मान्यता प्राप्त यूनियन हमारे इन मुद्दों को रेल मंत्रालय के समक्ष उठाने का कार्य करेंगे या उठाने का वादा करेंगे ओबीसी संगठन उनका साथ देगा।
