विपक्ष ने फाड़ी G Ram G की कॉपी तो भड़के शिवराज

बुधवार, 17 दिसंबर को देर रात तक ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल, 2025’ पर चली चर्चा के बाद लोकसभा में ये पास हो गया है। बिल के पास होते ही लोकसभा में जोरदार हंगाम हुआ। विपक्षी सांसदों ने बिल की कॉपी फाड़ी। लोकसभा में हुए इस हंगामे पर केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान का गुस्सा फूट पड़ा।

मनरेगा पर लाए गए इस VB- G Ram G बिल पर लोकसभा में कल रात करीब 1.30 बजे तक विधेयक पर चर्चा की गई और आज, 18 दिसंबर को बिल पास हुआ। इसके बाद विपक्षी सांसदों ने वेल में जोरदार हंगामा किया। इस दौरान सरकार के खिलाफ नारे भी लगाए गए, बिल की कॉपियां फाड़कर उन्हें स्पीकर की कुर्सी की ओर फेंका।

विपक्षी सांसदों के आचरण ने लोकतंत्र को कलंकित किया- शिवराज

केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा, “आज लोकसभा में विपक्ष, कांग्रेस और INDI गठबंधन के सांसदों के आचरण ने लोकतंत्र को कलंकित किया है। संसदीय मर्यादाएं तार-तार हुई है। लोकतंत्र को भीड़तंत्र में बदला है, गुंडातंत्र में बदला है। ‘विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण’ बिल पर चर्चा हो रही थी, जो कल रात 1:30 बजे के बाद तक चली। हमने पूरी गंभीरता से विपक्ष की बातों को सुना, लेकिन आज अमर्यादित आचरण का प्रदर्शन हुआ। कागज फाड़कर उछाले गए। क्या यह बापू के आदर्शों की हत्या नहीं है? क्या यह अनैतिक और अमर्यादित नहीं है?  मैं उनके इस कृत्य की निंदा करता हूं।”

उन्होंने आगे कहा, “वे आखिर क्यों व्यथिथ हैं? ग्रामीण विकास और रोजगार के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं। इनकी पूरी एक श्रृंखला है। संपूर्ण ग्रामीण रोजगार योजना, फिर जवाहर रोजगार योजना और उसके बाद MGNREGA आई। अगर पंडित जवाहरलाल नेहरू का नाम शामिल नहीं किया गया, तो क्या इसका मतलब यह है कि उनका अपमान हुआ?”

शिवराज ने आगे कहा कि गरीब कल्याण BJP का संकल्प है। एक नहीं अनेकों योजनाएं गरीबों के जीवनस्तर को बेहतर बनाने का काम कर रही है। ‘विकसित भारत के लिए विकसित गांव’ प्रधानमंत्री मोदी का संकल्प है। इसके लिए पर्याप्त धनराशि प्रस्तावित है।

कांग्रेस से पूछा ये सवाल

उन्होंने पूछा कि कांग्रेस ने MGNREGA पर कितना खर्च किया? हमने एक व्यापक योजना बनाई है। बेरोजगारी भत्ते के प्रावधान को मजबूत किया गया है और यह कहा गया है कि अगर 15 दिनों के अंदर मजदूरी का भुगतान नहीं किया जाता है, तो देर से मजदूरी देने के लिए प्रति दिन 0.05% का अतिरिक्त भुगतान करना होगा। अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति पर ध्यान दिया गया है। दिव्यांग बुजुर्गों के लिए अलग से गारंटी कार्ड जारी किए जाएंगे और उन्हें कम काम के लिए भी ज्यादा मजदूरी मिलेगी। मुझे समझ नहीं आता कि इसमें क्या समस्या है?

मनरेगा की जगह लेगा G Ram G बिल

विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) (VB-G RAM G) बिल में भी मनरेगा की तरह रोजगार गारंटी दी जाती है। हालांकि इसमें कुछ बड़े बदलाव शामिल हैं। सरकार के मुताबिक नए बिल में प्रावधान है कि हर ग्रामीण परिवार को 125 दिन की मजदूरी वाली नौकरी की गारंटी दी जाएगी। यह समय सीमा मनरेगा में 100 दिन थी। इसके अलावा मनरेगा में जहां ज्यादातर खर्च केंद्र सरकार उठाती थी। नई बिल में राज्यों को भी अपने हिस्से का योगदान देने की बात है।

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