- रामपुर में 4 साल की सफल सेवा देने के बाद सुनील कुमार शर्मा ने कानपुर मंडल की संभाली कमान; मिलावटखोरों पर नकेल कसने की दी सख्त चेतावनी
बीपीएस न्यूज़
कानपुर। कानपुर मंडल में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ तथा पारदर्शी बनाने के उद्देश्य से नवागत सहायक आयुक्त (खाद्य) सुनील कुमार शर्मा ने अपना पदभार ग्रहण कर लिया है। रामपुर जिले से स्थानांतरित होकर आए सुनील कुमार शर्मा ने 18 जुलाई को कानपुर पहुँचकर विधिवत जॉइनिंग ली। रामपुर जनपद में सफलतापूर्वक 4 वर्षों का लंबा कार्यकाल पूरा करने के बाद अब वह कानपुर मंडल के अंतर्गत आने वाले सभी छह जनपदों में खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की कमान संभालेंगे।
6 दिन जनता और कारोबारियों के लिए रहेंगे उपलब्ध
कार्यभार संभालते ही नवागत सहायक आयुक्त ने अपनी प्राथमिकताओं को स्पष्ट कर दिया। उन्होंने बताया कि वह सोमवार से शनिवार तक (सप्ताह में पूरे 6 दिन) कार्यालय में उपस्थित रहकर मंडल की प्रशासनिक और खाद्य सुरक्षा से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुचारू रूप से संचालित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि मंडल के छह जनपदों में कार्यरत खाद्य सुरक्षा अधिकारियों एवं अधीनस्थ कर्मचारियों के कामकाज पर पैनी नजर रखी जाएगी, ताकि जनता को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्रियां उपलब्ध कराई जा सकें।
कारोबारियों के लिए सीधी संवाद व्यवस्था
खाद्य लाइसेंस और पंजीयन की प्रक्रिया को सुगम बनाने पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि व्यापारियों और कारोबारियों को किसी भी तरह की अनुचित परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए पारदर्शी व्यवस्था लागू की जाएगी।
“यदि किसी व्यापारी या कारोबारी को खाद्य लाइसेंस बनवाने अथवा खाद्य सुरक्षा से संबंधित कोई भी समस्या आ रही है, तो वह बिना किसी झिझक के सीधे मुझसे संपर्क कर सकता है। उनकी जायज समस्याओं का त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा।”
सुनील कुमार शर्मा, सहायक आयुक्त (खाद्य), कानपुर मंडल
मिलावटखोरों पर कसता शिकंजा: बख्शे नहीं जाएंगे दोषी
खाद्य पदार्थों में मिलावट करने वाले असामाजिक तत्वों और मुनाफाखोरों को कड़ा संदेश देते हुए सहायक आयुक्त ने साफ लहजे में कहा कि जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले किसी भी कारोबारी को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।
उन्होंने बताया कि मंडल भर में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी। किसी भी क्षेत्र से मिलावट या गुणवत्ता में कमी की शिकायत मिलने पर तुरंत संयुक्त टीमों का गठन कर त्वरित और कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पूरी कार्रवाई का मॉनिटरिंग और पर्यवेक्षण वह स्वयं करेंगे, ताकि निष्पक्षता और पारदर्शिता बनी रहे।

