मौनी अमावस्या के मौके पर होने वाले अमृत स्नान से पहले बुधवार को महाकुंभ में मची भगदड़ में 30 लोगों की जान चली गई है. साथ ही बड़ी तादाद में लोग जख्मी भी हैं. भगदड़ की तस्वीरें और वीडियोज काफी डराने वाले हैं, हालांकि जब चश्मदीदों से इस बारे में बात की जा रही है तो मंजर और डरावना हो जाता है.
मेले में मची भगदड़ में ना सिर्फ उत्तर प्रदेश बल्कि कई राज्यों के लोग शामिल हैं. हरियाणा की दो महिलाओं समेत तीन लोगों की मौत हो गई. मृतकों की पहचान जींद के राजपुरा भैन निवासी 60 वर्षीय रामपति देवी, रोहतक के सांपला निवासी 75 वर्षीय कृष्णा देवी और फरीदाबाद निवासी 34 वर्षीय अमित कुमार के रूप में हुई है. रामपति के पोते नरेंद्र कुमार ने बताया कि वह अपनी दादी और गांव के 6 अन्य लोगों के साथ महाकुंभ में पवित्र स्नान करने गए थे.
कृष्णा देवी अपने परिवार के साथ प्रयागराज गई थीं. भगदड़ के दौरान उनकी मौत हो गई, जबकि परिवार के अन्य सदस्य सुरक्षित बच गए. अमित की मौत तब हुई, जब उसके परिवार के सदस्य उससे निकल गए थे. वह जमीन पर गिर गया और दम घुटने से उसकी मौत हो गई.
