- थाना चकेरी के सावित्री नगर की घटना, पड़ोसियों ने किसी तरह बुझाई आग, आधा घंटा तड़पते रहे बुजुर्ग
- सिंचाई विभाग में चतुर्थ श्रेणी के पद से सेवानिवृत्त हो चुके थे बुजुर्ग
कानपुर। थान क्षेत्र चकेरी के अंतर्गत गुरूवार की सुबह एक 72 वर्षीय बुजुर्ग ने अपनी छत पर ही थिनर डालकर स्वयं को आग के हवाले कर दिया। आग लगने के बाद उनकी चीख सुनकर आसपास के पडोसी छत फांद कर उन्हे बचाने के लिए आये। जब तक पानी का इंतजाम कर आग को बुझाया गया, बुजुर्ग पूरी तरह जल चुके थे। घटना के बाद बुजुर्ग लगभग आधे घंटे तक तडपते रहे। सूचना पाकर मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस बुलवाकर उन्हे काशीराम अस्पताल भेजा जहां डाक्टरो ने उन्हे मृत घोषित कर दिया।

जानकारी के अनुसार थाना चकेरी क्षेत्र के सावित्री नगर के रहने वाले 72 वर्षीय राम रतन साहू, जो मूल रूप से नवाबगंज के रहने वाले थे और सिंचाई विभाग में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पद से रिटायर हो चुके थे। बताया जाता है कि मृतक की दो बेटिया है कंचन और रूचि, जिसमें बड़ी बेटी कंचन अपने पति और बच्चों के साथ अपने पिता के साथ रहती है, जबकि छोटी बेटी अपनी श्यामनगर स्थित ससुराल में रहती है।
कंचन की माने तो उसके पिता सुबह छत पर गये और दरवाजा बंद कर लिया। उन्होने खुद को आग लगा ली। दरवाजा बंद होने के कारण वह लोग छत पर नही जा सके। कंचन ने बताया कि पिता बुजुर्ग थे लेकिन उन्हे किसी प्रकार की कोई बीमारी नही थी, थोडा हाथ- पैरो में दर्द बना रहता था और न ही उन्हे अन्य किसी प्रकार की परेशानी थी। इससे पहले घरेलू वाद-विवाद को लेकर मृतक की पत्नी ने भी 2014 में आग लगा ली थी।
पडोसियों का कहना है कि बुजुर्ग की चीख सुनकर उन लोगों ने उन्हे आग से घिरा देखा और कूद कर उनकी छत पर आये तथा छत का दरवाजा खोला, जिसके बाद उनकी बेटी और दामाद भी छत पर आ गये, सबने मिलकर आग बुझाई, लेकिन तब तक देर हो चुकी थी। वहीं कांशीराम में डाक्टरों ने उन्हे मृत घोषित कर दिया।

चकेरी थाना ऐसीपी आशुतोष सिंह ने बताया कि बुजुर्ग द्वारा लिखा गया सुसाइड नोट मिला है। फोरेंसिक टीम द्वारा साक्ष्य जुटाये गये है। जांच के बाद कार्यवाई की जायेगी।
