भावनानी के भाव – हे वर्ष 2023 अब कोई  नया वेरिएंट ना लाना 

लेखक- कर विशेषज्ञ, साहित्यकार, कानूनी लेखक, चिंतक, कवि एडवोकेट किशन सनमुखदास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
हे नए वर्ष 2023 खुशियों के साथ निभाना
इस वर्ष सृष्टि में जीवों को नां आजमाना
कोई महामारी का नया वेरिएंट नहीं लाना
खुशियों की बहार वर्षभर लाना
ऐसे ही स्वागत किए थे वर्ष 2020 2021
और 2022 का कि हमें खुशियां भरपूर देना
दोनों वर्ष बन गए महामारीयों का बहाना
अब वर्ष 2023 हमें ख़ुश रखने खुशीसे मिलाना
स्वस्थ रहे पृथ्वी का जीव ऐसा पल बनाना
किसी परेशानी विपत्ति को नहीं बुलाना
आ भी जाए विपत्ति तो उससे तुम मुकाबला
करना सारी सृष्टि में खुशहाली लाना-3
भारत को प्रगतियों का बादशाह बनाना
हर नागरिक को रोजगार देना
सभी नागरिकों को खुशियों की सौगात देना
हे वर्ष 2023 अब कोई  नया वेरिएंट ना लाना
भारत का हर नागरिक स्वस्थ सुरक्षित रखना
अपने प्रगति के पथ पर चलने की हिम्मत देना
स्वर्ण भारत फिर आए ऐसी हिम्मत देना
हे वर्ष 2023 अब कोई  नया वेरिएंट ना लाना

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