ख़्वाहिश

राजीव डोगरा – कांगड़ा हिमाचल प्रदेश

मैं करूं ख़्वाहिश आज की
मिल जाए मुहब्बत ,
मुझे आपकी।

मैं करूं ख़्वाहिश आराम की
मिल जाए जिंदगी,
मुझे किसी काम की।

मैं करूं  ख़्वाहिश राम की
मिल जाए मुहब्बत,
मुझे राधे-श्याम की।

मैं करूं ख़्वाहिश  रात की
मिल जाए तन्हाई,
मुझे शाम की।

मैं करूं ख़्वाहिश ज्ञान की
मिल जाए सिद्धि,
मुझे महाज्ञान की।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
'शिवपाल यादव ने कहा था सपा चोरों और माफियाओं की पार्टी बन गई है', ओपी राजभर का बड़ा दावा, कहा- अखिलेश चाचा को बाहर करके CM बने थे | जिस बेगूसराय गैंगरेप कांड से कांप गया बिहार, उसमें अब DIG का एक्शन, लापरवाही बरतने वाले SHO को किया सस्पेंड | नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से डेढ़ साल के मासूम का हुआ था अपहरण, पुलिस ने किया बदायूं से बरामद, 8 गिरफ्तार | दिल्ली-NCR की सड़कों से पुरानी बसों और ट्रकों का होगा सफाया, टाटा मोटर्स और मोदी सरकार के बीच हुई बड़ी डील
Advertisement ×