साफ-सफाई से रहना अच्छे सेहत के लिए बहुत जरूरी होता है. पर्सनल हाइजीन मेंटेन रखने से शरीर इंफेक्शन जैसी बलाओं से दूर रहता है. रोज नहाना, बालों को साफ रखना, समय पर नाखून काटना, दांत साफ रखना, खाने से पहले हाथ धुलना, साफ कपड़े पहनना ये सब हमें स्वस्थ रखने के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है, इन आदतों को बचपन से ही बच्चों को सिखाया जाता है.
नाखून काटना पर्सनल हाइजीन का एक बहुत बड़ा हिस्सा है. बहुत पहले जब लोगों के पास नेलकटर नहीं हुआ करता था तब ब्लेड से नाखून काटा करते थे. ब्लेड से नाखून काटना बहुत खतरनाक होता है. खैर हम बात नेलकटर की कर रहे हैं. आपने अक्सर देखा होगा कि नेलकटर में नाखून काटने वाले ब्लेड के अलावा दो और ब्लेड लगे होते हैं. क्या आपने कभी सोचा है कि इन दोनों ब्लेड का क्या काम होता है?
दरअसल, नेलकटर नाखून काटने के अलावा और भी कई कामों के लिए इस्तेमाल हो सकता है. नेलकटर में तीन ब्लेड होता है. पहला ब्लेड जो नेलकटर के अंतिम सिरे पर ऊपर-नीचे दो दातों वाला होता है उसका काम नाखून काटने का होता है. वहीं दूसरे और तीसरे ब्लेड को नेल कटर से नाखून की मदद से बाहर निकलना होता है.
दूसरा ब्लेड हल्का सा नुकीला होता है जो छोटे तलवार जैसा दिखता है, आगे थोड़ा का कर्व होता है. इसका काम नाखून के कोने में छिपे गंदगी को साफ करने का होता है. इसके अलावा इस ब्लेड के बीच में ऐसा डिजाइन होता है जो कोल्ड ड्रिंक की बोतल को खोलने के काम में आता है.
वहीं नेलकटर में लगा तीसरा ब्लेड एक तरह का चाकू होता है. जिसका काम सब्जी जैसी हल्की चीजों को काटने का होता है. इसको सफर में नाजूक चीजें (जैसे- फल या नींबू) को काटने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.
इन तीन ब्लेडों के अलावा नेलकटर में चौथी बड़ी मजेदार चीज होती है. आपने नेलकटर में कहीं न कहीं खुरदरा सा हिस्सा देखा होगा. दरअसल, अक्सर ऐसा होता है कि नाखून काटने के बाद नाखून के आगे अजीब सा उबड़ खाबड़ हो जाता है, इसको बराबर करने के लिए नेलकटर में लगे खुरदरा हिस्से पर नाखून को हल्के से रगड़ना होता है. इससे नाखून बराबर हो जाते हैं.
