महंगाई का मानसून कनेक्शन. जी हां मानसून में बादल तो बरस रहे हैं लेकिन इन बरसते बादलों ने महंगाई भी बरसा दी है. बारिश की वजह से देश के कई राज्यों में सब्जियों की कीमत लगातार बढ़ रही है. जिसका असर अब आम जनता की थाली से लेकर जेब तक पड़ रहा है. सब्जी खरीदते वक्त मुफ्त मिलने वाला धनिया भी 500 रुपये किलो में बिक रही है. अहा टमाटर बड़ा मजेदार नहीं छोटा वाला टमाटर भी लोगों को लाल आंखें दिखा रहा है. प्याज भी महंगाई के आंसू रुला रही है. पिछले दो दिनों में सब्जियों के दाम में तेजी से इजाफा हुआ है.
सब्जियों के दाम रॉकेट की स्पीड से ऊपर गए हैं. लोगों के महीने का बजट बिगड़ गया है. सनडे मार्केट जैसे साप्ताहिक बाजारों में लोग सब्जी खरीदने से परहेज कर रहे हैं. दिल्ली की आजादपुर मंडी हो या ओखला की या फिर गाजीपुर मंडी थोक में सब्जियां लाकर पुटपाथ में सब्जियां बेचने वाले सब परेशान है. न मॉल में ऑफर मिल रहा है और ना सही माल मिल रहा है. ऐसे में लोगों में इस बात की भी चिंता बढ़ गई है कि भला सब्जियां नहीं खाएंगे तो शरीर में जरूरी पोषक तत्वों की आपूर्ति कैसे होगी.
| सब्जी | पहले | अब |
| हरी मिर्च | 50 रू/kg | 70 रू/kg |
| प्याज | 50 रू/kg | 60 रू/kg |
| आलू | 40 रू/kg | 40 रू/kg |
| शिमला मिर्च | 80 रू/kg | 120 रू/kg |
| फूलगोभी | 40 रू/kg | 80 रू/kg |
| लौकी | 40 रू/kg | 60 रू/kg |
| धनिया | 200 रू/kg | 500 रू/kg |
महंगे प्याज की वजह भी जानिए
सरकार ने मिनिमम एक्सपोर्ट प्राइस सीमा हटाई.
किसान विदेशों में महंगे दाम पर बेंच सकते है.
ज्यादा एक्सपोर्ट करने से देश में प्याज की कमी.
प्याज की नई फसल आने में लगेगा वक्त.
प्याज की कमी से भी दाम में इजाफा हुआ है.
मांग बढ़ने पर भी कीमतों में होता है इजाफा.
क्यों बढ़ रहे सब्जियों के दाम?
बारिश बाढ़ से सब्जियां सड़ रहीं.
धूप न निकलने से फसल बर्बाद.
बारिश से उत्पादन पर पड़ा असर.
जगह-जगह सब्जी का गाड़ियां फंसी.
मंडियों में सप्लाई कम होना वजह.
महंगा डीजल भी महंगाई की वजह.
