एस आई आर के विरोध मे भारत रक्षा जन सुरक्षा मंच ने सौंपा ज्ञापन

कानपुर। एस आई आर के विरोध मे भारत रक्षा जन सुरक्षा मंच ने ज्ञापन सौंपा। केन्द्रीय चुनाव आयोग (भारत) द्वारा मतदाता सूचियों का विशेष गहन पुनरीक्षण (S.I.R.) 12 राज्यों में कराया जा रहा है। पुनरीक्षण प्रक्रिया में सारी जिम्मेदारी स्वंय मतदाता की तय की गयी है कि वह 2003 की मतदाता सूची का स्वंय अवलोकन इण्टरनेट पर जाकर करें और अपना नाम, विधान सभा, भाग संख्या, क्रम संख्या तथा इपिक नम्बर भी खोजें।
विशेष उल्लेखनीय है कि भारत की अधिकांश आबादी ग्रामीण क्षेत्रों में निवास करती है, यह गरीब आबादी कम्प्यूटर और लैपटॉप जैसी डिवाइस से लैस नहीं है, साथ ही ग्रामीण भारत का हर नागरिक साक्षर भी नहीं है, ऐसी स्थिति में नागरिक अपना मतदान कुशलता से प्रस्तुत नहीं कर सकता है। अतएव वह अपना मतदाता अधिकार खो देगा, विशेषकर दलित/आदिवासी आबादी ? 04 नवम्बर से 04 दिसम्बर के मध्य चलने वाले इस पुनरीक्षण अभियान में एक सरकारी कर्मचारी / शिक्षक जिसे बूथ लेवल अधिकारी नियुक्त किया गया, उससे एक माह में देश की ग्रामीण, दलित, आदिवासी तथा निर्धन जनता का मतदाता दावा प्रस्तुत करवाना एक असम्भव तथा श्रमपूर्ण कार्य है।
बिहार में S.I.R. किया गया लेकिन निरर्थक रहा, क्योंकि लाखों मतदाता अपने मताधिकार से वंचित हो गय, वे बिहार विधान सभा चुनाव में मतदान केन्द्रों पर आये परन्तु मतदाता सूची में नाम न होने के कारण वापस चले गये, जबकि S.I.R. की प्रक्रिया में उन्होने अपना आवेदन प्रस्तुत किया था, यह सभी मतदाता वैधानिक थे।आदरणीय जब S.I.R. प्रक्रिया का परिणाम संविधान के अनुकूल नहीं है, क्योंकि संविधान प्रत्येक नागरिक को मताधिकार प्रदान करता है तब ऐसी प्रक्रिया का औचित्य क्या है । ज्ञापन के दौरान एडवोकेट नरेंद्र यादव नवीन गौतम वैभव चौधरी जगजीवन राम जगजीवन राम इंद्रनाथ राजेश गौतम भुवनेश्वर भूषण दो महादेव आदि लोग रहे।

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