कानपुर। गोविन्द नगर स्थित ब्लॉक-8, रामदेवी आर्य पार्क में वर्षों से हो रहे अवैध निर्माण और अतिक्रमण पर नगर निगम ने गुरुवार को बुलडोजर चलाकर बड़ी कार्रवाई की। पार्क के लगभग 70 प्रतिशत हिस्से पर भूमाफियाओं द्वारा किए गए अवैध कब्ज़ों और निर्माणों को जेसीबी की मदद से लगभग 30% प्रतिशत हिस्से को ध्वस्त कर दिया गया। स्थानीय निवासियों ने इस कार्रवाई पर गहरा संतोष व्यक्त करते हुए नगर निगम की टीम का फूल-मालाओं से स्वागत कर आभार जताया।

पूजा स्थलों की आड़ में हो रहा था कब्ज़ा
नगर निगम के अधिकारियों के अनुसार, यह पार्क पिछले लगभग दो वर्षों से भूमाफियाओं के निशाने पर था। शुरुआत में पूजा स्थलों की आड़ में पार्क की जमीन पर धीरे-धीरे अवैध कब्जे किए गए, जिसके परिणामस्वरूप पार्क में हरियाली न के बराबर बची थी।
क्षेत्रीय नागरिकों ने बताया कि कब्जे का सिलसिला दो साल पहले शुरू हुआ था। ‘शिवांग’ नामक एक व्यक्ति ने तो दो वर्ष पूर्व बने मंदिर के पीछे अवैध रूप से कमरा, लैट्रिंग और बाथरूम तक बनवा लिया था। इसके अलावा, सोमवार को ही पार्क गेट के बाईं ओर एक अन्य व्यक्ति ने आरसीसी पिलर ढलवाकर दीवार खड़ी करने का प्रयास किया, जिसे मुहल्ले के लोगों के विरोध के बाद रोक दिया गया था।
उद्यान विभाग पर लापरवाही के आरोप
भाजपा नेता प्रकाश वीर आर्य, आनन्द कुमार और आर्यन चक ने बताया कि नागरिकों ने इस अतिक्रमण के खिलाफ उद्यान विभाग में कई बार शिकायत की थी। हालांकि, उद्यान अधीक्षक ने कथित तौर पर हर बार फर्जी निस्तारण रिपोर्ट लगाकर मामले को दबा दिया, जिससे भूमाफियाओं के हौसले बुलंद होते गए और वे पार्क की बची हुई जमीन पर भी कब्जे करने लगे।
जोनल अधिकारी के निर्देश पर हुई कार्रवाई
बुधवार को क्षेत्रीय नागरिकों ने इन अवैध कब्ज़ों की शिकायत सीधे जोनल अधिकारी अनुपम त्रिपाठी से की। जोनल अधिकारी के त्वरित निर्देश पर गुरुवार को उद्यान अधीक्षक कृपा शंकर पांडेय और जोन-5 के कर अधीक्षक राजेश गुप्ता के नेतृत्व में नगर निगम की टीम भारी पुलिस बल और प्रवर्तन दस्ते के साथ पार्क पहुंची।
कार्यवाही के दौरान अवैध कब्ज़ेदारों और प्रवर्तन दस्ते के बीच कुछ नोकझोंक भी हुई, लेकिन प्रवर्तन दस्ते ने सख्ती दिखाते हुए जेसीबी से सभी अवैध निर्माणों को पूरी तरह से ध्वस्त कर दिया।
स्थानीय लोगों ने जताई खुशी
अवैध कब्जे टूटने के बाद क्षेत्रीय नागरिकों ने नगर निगम की टीम पर पुष्प वर्षा की और उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर आभार व्यक्त किया। नागरिकों ने कहा कि इस कार्रवाई से उन्हें वर्षों बाद खुला पार्क वापस मिला है।
प्रवर्तन दस्ते में आरआई शिखा त्रिवेदी, सुपरवाइजर कमलेश और मोहित शर्मा भी शामिल रहे। नगर निगम की इस कार्रवाई को अवैध कब्ज़ेदारों के खिलाफ एक मजबूत संदेश माना जा रहा है।
