- मेले में दिखी महिला उद्यमिता की सशक्त तस्वीर…. 6 जनवरी तक चलेगा सरस मेला
कानपुर। प्रदेश सरकार की महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भर बनाने की नीति को ज़मीनी स्तर पर उतारते हुए मोतीझील लॉन-2 में सरस आजीविका मेला–2026 का शुभारंभ किया गया। 6 जनवरी तक चलने वाले इस मेले का उद्घाटन उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने किया। कार्यक्रम में प्रभारी मंत्री योगेंद्र उपाध्याय अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। यह मेला ग्रामीण महिलाओं को सीधे बाजार से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस अवसर पर माननीय सांसद रमेश अवस्थी, महापौर प्रमिला पांडेय, जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण, विधायक नीलिमा कटियार, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक सरोज कुरील, विधायक मोहित सोनकर, एमएलसी सलिल बिश्नोई, सदस्य महिला आयोग पूनम द्विवेदी, अनीता गुप्ता, अध्यक्ष महिला कल्याण निगम कलावती सिंह, भाजपा क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल, अनिल दीक्षित, शिवराम सिंह, रघुनंदन भदौरिया, पुलिस आयुक्त रघुबीर लाल, जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह, सीडीओ दीक्षा जैन सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्ति तथा प्रशासनिक अधिकारी मौजूद थे।
मेला प्रतिदिन 11 बजे से शाम 8 बजे तक आमजन के लिए खुला रहेगा। कानपुर नगर से 29 तथा मंडल के अन्य पांच जनपदों से 31 स्टाल लगाए गए हैं। 60 स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं अपने उत्पादों की प्रदर्शनी और बिक्री कर रही हैं।
मेले में स्वयं सहायता समूहों द्वारा निर्मित सौंदर्य एवं सुगंध उत्पाद, पारंपरिक परिधान, हस्तशिल्प, घरेलू उपयोग की वस्तुएं, सखी लेदर उत्पाद, जैविक पौध एवं कृषि उत्पाद, स्वच्छता समाधान, सरस स्वाद और स्वास्थ्य सुविधाओं से जुड़े उत्पाद प्रदर्शित किए गए हैं।
मेले के शुभारंभ के दौरान विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने कहा कि समरसता भारतीय सांस्कृतिक मूल स्वभाव है। इस तरह के आयोजनों से पारंपरिक खान–पान, हस्तशिल्प और रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़ी सांस्कृतिक धरोहरों को सहेजने में मदद मिलती है। स्वयं सहायता समूह की महिलाओं में आत्मविश्वास और अपनी पहचान बनाने की ललक दिखाई दे रही है।
वहीं, प्रभारी मंत्री योगेन्द्र उपाध्याय ने कहा कि स्वदेशी अपनाओ का मंत्र ही विकसित भारत की नींव है। स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देकर ही आत्मनिर्भर भारत का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है।
स्वयं सहायता समूहों को मिला सम्मान
इस दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले स्वयं सहायता समूहों को सम्मानित भी किया गया। इसमें जमदानी साड़ी एवं सूट उत्पाद से जुड़ी उज्जवला महिला स्वयं सहायता समूह की सीमा देवी, मसाला उत्पाद से संबंधित मां दुर्गा महिला स्वयं सहायता समूह की ऋतु, मिलेट्स उत्पादों से जुड़े आत्मनिर्भर स्वयं सहायता समूह की संगीता सिंह, बुटीक एवं गारमेंट क्षेत्र से किरण स्वयं सहायता समूह की आकांक्षा रजिया तथा घरेलू सजावटी हस्तशिल्प निर्माण से जुड़े मानसी स्वयं सहायता समूह की मीरा देवी शामिल रहीं।
ख़ास हैं ये समूह और इनके उत्पाद
कानपुर देहात की मानसी समूह की मीरा देवी के घरेलू सजावटी उत्पाद और वैष्णवी समूह की सुधा देवी के मसालों ने भी मेले में पहचान बनाई है। कन्नौज की गौरीशंकर समूह की तारावती द्वारा प्रस्तुत गुलाब जल व सुगंधित उत्पाद तथा पार्वती समूह की राधिका की फूलबत्ती को पुरस्कार मिल चुका है और इन स्टॉलों पर लगातार भीड़ देखी जा रही है। औरैया की विकास समूह की रीमा के सौंदर्य व सुगंधित उत्पाद तथा गंगा देवी समूह की मेनका के आंवला उत्पाद भी खास मांग में हैं। वहीं फर्रुखाबाद की जनहित समूह की मंजू के फिनायल-हैंडवॉश और जय भोले समूह की अल्का पाल की साड़ी-सूट व दुपट्टा भी पुरस्कार प्राप्त उत्पादों में शामिल हैं।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देश पर मेले में महिलाओं को सभी आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्य विकास अधिकारी दीक्षा जैन ने कहा कि ऐसे आयोजनों से ग्रामीण महिलाओं को सीधा बाजार मिलता है और वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि महिला स्वयं सहायता समूहों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु मेले में आकर उत्पाद अवश्य खरीदें।
