- आयोग में 10 जुलाई को होगी सुनवाई
कानपुर। आइआइटी में बीते 25 माह में 9 छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या की है। पढाई के साथ गहरे अवसाद के कारण होने वाली इन आत्महत्याओं पर राज्य मानवाधिकार आयोग ने रिपेार्ट मांगी थी। इस पूरे प्रकरण में आयोग में हुई सुनवाई में मंडलायुक्त की तरफ से अपर आयुक्त प्रशासन ने जवाब दाखिल कर कहा था कि एडीएम सिटी की अध्यक्षता में जांच कमेटी बनाई गयी थी, जिस पर एडीएम ने आपत्ति जताते हुए दूसरी कमेटी बनाने को कहा था। अब 10 जुलाई को आयोग में इस प्रकरण के सम्बन्ध में सुनवाई होनी है।
आइआइटी में छात्र-छात्राओं की आत्महत्या का मामला विचारणीय है। बीते 25 माह में 9 आइआइटी छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या की। पूरे मामले को राज्य मानवाधिकार ने संज्ञान में लिया और 9 जुलाई तक रिपोर्ट करने को कहा था। सेंट्रल बार एसोसिएशन के महामंत्री प्रवीण फाइटर ने जनवरी में राज्य मानवाधिकार आयोग में याचिका दाखिल की थी और प्रकरण को उठाया था। पूरे प्रकरण पर आइआइटी रे जिस्ट्रार विश्व रंजन ने आयोग में 5 पेज की रिपेार्ट भी भेजी थी, जिसमें छात्रों को अवसाद तथा नशे से उबारने की व्यवस्थाओं के बारे में बताया था।
वहीं पुलिस ने कहा था कि पढाई के दबाव और डिप्रेशन के चलते छात्र-छात्राएं आत्महत्या कर रहे है। इस मामले में बीते दिनों हुई सुनवाई में अपर आयुक्त प्रशासन ने जवाब दाखिल किया था कि जांच के लिए बनाई गयी कमेटी में एडीएम सिटी, सीएमओ तथा अपर निदेशक स्वास्थ्य शामिल थे। अब इस पूरे प्रकरण पर 9 जुलाई तक रिपोर्ट देनी होगी जिसके बाद आयोग में 10 जुलाई को सुनवाई की जायेगी।
