हिंदू सहेली को पहनाया बुर्का, धर्मांतरण के लिए बना रही थीं दबाव… FIR हुई दर्ज

उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण का ऐसा मामला सामने आया है जिसमें पांच नाबालिग मुस्लिम लड़कियों ने अपने एक हिंदू क्लासमेट को जबरन बुर्का पहनाने के लिए मजबूर किया। इसके अलावा उस पर जबरन इस्लाम अपनाने का दबाव डालने लगे। दरअसल, मामला यूपी के मुरादाबाद का है। मामले को लेकर मुरादाबाद पुलिस ने शनिवार को बताया कि धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत सभी मुस्लिम लड़कियों के खिलाफ एक मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।

पुलिस के अनुसार, मामला 12 दिसंबर 2025 का है, लेकिन सामने तब आया जब 16 वर्षीय पीड़िता के भाई ने मुरादाबाद के बिलारी पुलिस स्टेशन में बहन के साथ हुई घटना की शिकायत दर्ज कराई। अपनी शिकायत में पुलिस से बताया कि लगभग 15 से 17 साल की नाबालिग पांच मुस्लिम लड़कियां उसकी बहन को जबरन बुर्का पहनने और दूसरा धर्म अपनाने के लिए दबाव डाल रही थीं। उसने ये भी बताया कि सभी मुस्लिम लड़कियां उसकी बहन के साथ हीं क्लास में पढ़ती हैं।

मामला सामने आने के बाद अधिकारियों ने बताया कि उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्म परिवर्तन निषेध अधिनियम, 2021 की धारा 3 और धारा 5(1) के तहत FIR दर्ज कर ली गई है। इस धारा के अंतर्गत “गलत बयानी, बल, धोखाधड़ी, अनुचित प्रभाव, जबरदस्ती और लालच” द्वारा धर्मांतरण अपराध माना जाता है।

पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) कुंवर आकाश सिंह के अनुसार, शिकायत मिलते ही मामला तुरंत दर्ज कर लिया गया और आरोपियों के बैकग्राउंड और मकसद का पता लगाने के लिए गहन जांच चल रही है।

धर्मांतरण विरोधी कानून के तहत, दोषी पाए जाने पर, इसमें शामिल लोगों को, खासकर नाबालिगों से जुड़े मामलों में, कम से कम पांच साल और अधिकतम 14 साल तक की कड़ी कैद हो सकती है।

पुलिस सूत्रों ने बताया कि घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें लड़कियों का एक समूह एक संकरी गली में दिख रहा है। हिंदू लड़की ने बुर्का पहना हुआ है, और दूसरी लड़कियां उसके कपड़ों को ठीक कर रही हैं। वे एक रेस्टोरेंट जा रही थीं, जो पीड़िता के भाई की दुकान के रास्ते में पड़ता है। पीड़िता को डर था कि उसका भाई उसे देख लेगा, इसलिए उसने बुर्का पहन लिया। हालांकि मामले की जांच जारी है और यह पता लगाया जा रहा है कि इस घटना के पीछे लड़कियों की पृष्ठभूमि और कोई गलत मंशा तो नहीं थी।

चूंकि सभी लड़कियां नाबालिग हैं, इसलिए पुलिस ने साफ किया है कि उन्हें तुरंत हिरासत में नहीं लिया गया है, और यह पता लगाने के लिए पूछताछ जारी है कि क्या धर्मांतरण के लिए जबरदस्ती सहित कोई और अपराध भी शामिल था। अधिकारियों ने यह भी कहा कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए जांच के दौरान सावधानी बरती जा रही है, और जांच आगे बढ़ने पर और अधिक जानकारी मिलने की उम्मीद है।

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