गरीब बेटियों के हाथ पीले करेगी योगी सरकार, उठाएगी पूरा खर्च सरकार

  • कानपुर में 1534 विवाह का लक्ष्य, जून में बड़े स्तर पर होगा सामूहिक विवाह आयोजन
  • 60 हजार रुपये सीधे खाते में, गृहस्थी का सामान और विवाह की व्यवस्था भी सरकार करेगी
कानपुर। आर्थिक तंगी अब गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में बाधा नहीं बनेगी। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए योगी सरकार जरूरतमंद परिवारों की बेटियों के विवाह का खर्च उठा रही है। इसी क्रम में कानपुर नगर में बड़े स्तर पर सामूहिक विवाह समारोह की तैयारी शुरू हो गई है। शुक्रवार को कलेक्ट्रेट में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में योजना की तैयारियों, आवेदन, सत्यापन और आयोजन व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि सामूहिक विवाह समारोह गरिमापूर्ण, सुव्यवस्थित और भव्य तरीके से आयोजित किया जाए तथा पात्र परिवारों को समय से योजना का लाभ मिले।
बैठक में बताया गया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में जनपद को 1534 विवाहों का लक्ष्य प्राप्त हुआ है। इसके सापेक्ष अब तक 542 आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जिनमें 509 आवेदन ग्रामीण क्षेत्र तथा 33 आवेदन शहरी क्षेत्र से आए हैं। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को आवेदन पत्रों का सत्यापन समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश दिए।
एक लाख रुपये प्रति जोड़ा व्यय, 60 हजार सीधे खाते में जाएंगे
योजना के तहत प्रति जोड़ा कुल एक लाख रुपये व्यय निर्धारित है। इसमें 60 हजार रुपये डीबीटी के माध्यम से कन्या के खाते में अंतरित किए जाएंगे। इसके अलावा 25 हजार रुपये मूल्य की वैवाहिक उपहार सामग्री दी जाएगी, जबकि भोजन, पंडाल, फर्नीचर, पेयजल, विद्युत एवं प्रकाश व्यवस्था जैसी व्यवस्थाओं पर 15 हजार रुपये प्रति जोड़ा खर्च किए जाएंगे।
पायल-बिछिया से लेकर सीलिंग फैन और बिस्तर तक मिलेगा सामान
योजना के अंतर्गत नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी के लिए आवश्यक उपहार सामग्री भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसमें साड़ी, कपड़े, चांदी की पायल और बिछिया, डिनर सेट, कुकर, कढ़ाही, ट्रॉली बैग, वैनिटी किट, सीलिंग फैन, आयरन प्रेस, कूल केज, कंबल, गद्दा, तकिया और बेडशीट समेत अन्य सामग्री शामिल रहेगी।
तीन लाख सालाना आय वाले परिवार ही होंगे पात्र
योजना का लाभ उन्हीं परिवारों को मिलेगा जिनकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये से अधिक नहीं है। कन्या के अभिभावक उत्तर प्रदेश के मूल निवासी तथा वर भारत का मूल निवासी होना चाहिए। विवाह की तिथि पर कन्या की न्यूनतम आयु 18 वर्ष और वर की न्यूनतम आयु 21 वर्ष निर्धारित है।
योजना में निराश्रित, निर्धन और जरूरतमंद परिवारों को प्राथमिकता दी जाती है। विधवा, परित्यक्ता तथा कानूनी रूप से तलाकशुदा महिलाओं के पुनर्विवाह को भी योजना में शामिल किया गया है। अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग के आवेदकों को जाति प्रमाण पत्र प्रस्तुत करना होगा। निराश्रित कन्या, विधवा महिला की पुत्री, दिव्यांग अभिभावक की पुत्री तथा स्वयं दिव्यांग कन्या को प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।
विवाह तिथि से एक सप्ताह पहले तक कर सकेंगे आवेदन
योजना के लिए आवेदन https://cmsvy.upsdc.gov.in⁠ पोर्टल पर ऑनलाइन किया जा सकता है। निर्धारित विवाह तिथि से एक सप्ताह पूर्व तक जनसुविधा केंद्र, लोकवाणी केंद्र, इंटरनेट कैफे अथवा अन्य ऑनलाइन माध्यम से आवेदन किए जा सकते हैं। आवेदन के बाद आय, जाति, उम्र और अन्य अभिलेखों का परीक्षण किया जाता है तथा बीडीओ, ईओ अथवा नगर निगम स्तर पर भौतिक सत्यापन कराया जाता है।
आवेदन के लिए ये दस्तावेज जरूरी
आवेदन के साथ जाति प्रमाण पत्र, आय प्रमाण पत्र, आयु प्रमाण पत्र, मूल निवास प्रमाण पत्र, आधार कार्ड, बैंक पासबुक, फोटो तथा आधार से लिंक मोबाइल नंबर देना अनिवार्य होगा। आयु प्रमाण के लिए स्कूल रिकॉर्ड, जन्म प्रमाण पत्र, मतदाता पहचान पत्र, मनरेगा जॉब कार्ड और आधार कार्ड मान्य होंगे।
क्या बोले डीएम
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी सहायता है। उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को योजना का लाभ दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और सभी आवेदन समयबद्ध ढंग से सत्यापित किए जाएं।
बैठक में सीडीओ अभिनव जैन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह, सहित समस्त खण्ड विकास अधिकारी एवं नगर निकायों के ईओ वर्चुअली जुड़े जबकि समाज कल्याण अधिकारी बीरपाल बैठक में मौजूद रहे।

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