- सड़क पर हुई मामूली बाइक की टक्कर होने से शुरू हुआ था विवाद
उत्तर प्रदेश के कानपुर शहर में रविवार, 24 मई को दबंगों ने मामूली विवाद के चलते खूनी खेल खेला। दबंगों ने सरेराह चाकू से गोदकर पिता और बेटे की हत्या कर दी। डबल मर्डर की जानकारी मिलते एक्शन में आई पुलिस ने महज 12 घंटे के भीतर ही हत्यारोपितों को दबोच लिया।
पुलिस ने घटना के दो घंटे बाद ही आरोपी शिव वर्मा और उत्सव अवस्थी को गिरफ्तार कर लिया। जबकि तीसरे आरोपी करण वर्मा को देर रात मुठभेड़ में गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस को देखते ही करण ने पहले फायरिंग शुरू कर दी। ऐसे में पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में करण के दोनों पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे धर दबोचा गया। घायल आरोपी को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसका इलाज चल रहा है।
दरअसल, कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र में रविवार की रात सड़क पर हुई मामूली बाइक टक्कर खूनी वारदात में बदल गई। यशोदा नगर बाईपास के नजदीक हुए विवाद में दबंगों ने पिता और उनके दो बेटों पर चाकू और हेलमेट से हमला कर दिया। इस हमले में पिता और एक बेटे की मौत हो गई जबकि दूसरे बेटे का अस्पताल में इलाज चल रहा है। उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है।
हादसे के दौरान का वीडियो भी सामने आया है जो तेजी से वायरल हो रहा है। इसमें देखा जा सकता है कि बाप-बेटे की अपाचे और एक अन्य बाइक की आपस में मामूली टक्कर हो गई। इसके बाद दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई, जो बढ़ते-बढ़ते मारपीट में बदल गई।
वीडियो में आगे देखा जा सकता है कि आरोपियों ने पहले हेलमेट से हमला किया और फिर लात-घूंसे भी बरसाए। इसके बाद ईंट और चाकू से भी ताबड़तोड़ वार किया। इस हमले में पिता और दोनों बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। तीनों सड़क पर गिरकर दर्द से तड़पने लगे।
सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची नौबस्ता पुलिस ने तीनों घायलों को हैलट अस्पताल में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने जांच के बाद पिता (शिव नारायण) और एक बेटे (शिवम) की मौत हो गई। डॉक्टरों के मुताबिक, दोनों के चेहरे, सीने और पेट पर कई वार के निशान हैं। वहीं दूसरे घायल बेटे (सत्यम) का इलाज चल रहा है। सत्यम की पीठ, पेट और हाथ पर चाकू के वार हैं।
शिव नारायण और शिवम की हत्या के बाद घर में मातम पसरा हुआ है। घरवालों ने बताया कि तीनों किदवई नगर स्थित कनक मार्बल में नौकरी करते थे। रविवार की रात काम से घर लौट रहे थे, तभी ये घटना हो गई।
