कानपुर। नवजात शिशुओं की आपातकालीन देखभाल एवं पुनर्जीवन कौशल को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से आज जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज, कानपुर के बाल रोग विभाग द्वारा एडवांस्ड नियोनेटल रिससिटेशन प्रोटोकॉल (ANRP) प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुरेन्द्र बिष्ट द्वारा प्रशिक्षक के रूप में किया गया। कार्यक्रम में सह-प्रशिक्षकों के रूप में डॉ. यशवंत कुमार राव, डॉ. रमेश चौधरी, डॉ. शैलेन्द्र कुमार गौतम एवं डॉ. ब्रजेन्द्र सिंह ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को नवजात शिशुओं में जन्म के समय उत्पन्न होने वाली आपातकालीन परिस्थितियों के प्रबंधन, प्रभावी वेंटिलेशन, छाती दबाव , औषधियों के उपयोग तथा टीम-आधारित पुनर्जीवन तकनीकों का व्यावहारिक एवं सैद्धांतिक प्रशिक्षण प्रदान किया गया। विभिन्न सिमुलेशन आधारित अभ्यासों के माध्यम से प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित एवं प्रभावी निर्णय लेने का प्रशिक्षण दिया गया।
बाल रोग विभागाध्यक्ष डॉ. एस. के. गौतम ने कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए कहा कि नवजात मृत्यु दर को कम करने एवं गुणवत्तापूर्ण नवजात देखभाल सुनिश्चित करने के लिए इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने सभी प्रशिक्षकों एवं प्रतिभागियों को सफल आयोजन के लिए बधाई दी तथा भविष्य में भी ऐसे कौशल-विकास कार्यक्रमों के नियमित आयोजन पर बल दिया। कार्यक्रम में विभाग के चिकित्सकों, रेजिडेंट्स एवं स्वास्थ्यकर्मियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और नवजात पुनर्जीवन संबंधी नवीनतम प्रोटोकॉल एवं तकनीकों की जानकारी प्राप्त की।
