मंडी शुल्क लागू होने के विरोध में 22 जून से 30 जून तक प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा

कानपुर। भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के तत्वाधान में राष्ट्रीय अध्यक्ष ज्ञानेश मिश्र की अध्यक्षता में नौबस्ता गल्ला मंडी में हुए व्यापारी संवाद व प्रदेश की अन्य मंडियों में ऑनलाइन संवाद में प्रदेश की 220 मंडियों मे सभी कृषि उत्पादों ,किराना बाज़ार की  वस्तुओं, लकड़ी, रुई व गुड़ आदि उत्पादों के व्यापार व उद्योग पर जियोटैगिंग ऐप के माध्यम से वाहन टैगिंग व्यवस्था 1 जुलाई से प्रयोग के तौर पर 2 महीने के लिए लागू करने, गेट पास पर एक निर्धारित समय सीमा, पुरानी फर्मों के लाइसेंस नवीनीकरण में पुनः दो गारंटर की बाध्यता,पार्टनरशिप फर्म बनाने के लिए जटिलता , भुना चना पर मंडी शुल्क लागू होने के विरोध में 22 जून से 30 जून तक प्रदेशव्यापी आंदोलन की घोषणा की गई।
बताया कि दो दिवसीय बुंदेलखंड दौरे पर मंडी व कृषि उत्पाद व्यापारियों उद्यमियों के साथ संवाद होगा। नोवस्ता गल्ला मंडी में लगभग 100 व्यापारी व ऑनलाइन पचास मंडियों के व्यापारी शामिल हुए। कहा गया कि 9 क्विंटल से अधिक व पूरे ट्रक से कम कृषि उत्पाद ट्रांसपोर्ट नगर भेजने पर दो बार वाहन की टैगिंग नहीं हो सकती इसलिए इस नई समानांतर ऑनलाइन व्यवस्था को वापस लिया जाए।
आगे कहा कि पूरे प्रदेश में गेट पास जारी होने पर एक समय सीमा गेटपास पर निर्धारित कर दी गई है जो कि बहुत कम है। इस वजह से अधिकतर गाड़ियां समय सीमा पार कर जा रही और उन्हें मंडी समिति से जल्द इकाइयां पकड़कर पेनल्टी वसूलने का प्रयास  है इसका विरोध किया जाएगा, यह भी कहा कि मंडी समिति के लाइसेंस नवीनीकरण होने हैं व जिनके लाइसेंस नवीनीकरण नहीं भी होने हैं उन्हें भी 1 जुलाई 2026 से दो गारंटर देने होंगे जो कि पहले दे चुके हैं।
इन सभी समस्याओं को लेकर प्रदेशव्यापी आंदोलन शुरू किया जाएगा। भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मण्डल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष अजय बाजपेयी ने कहा कि 3 क्विंटल से अधिक व पूरे ट्रक से कम किराना या अन्य कृषि उत्पाद छोटे वाहन से ट्रांसपोर्ट नगर भेजने पर अन्य ट्रक पर लोड होने के उपरांत दो बार वाहन की टैगिंग नहीं हो सकती इसलिए इस नई समानांतर ऑनलाइन व्यवस्था को वापस लिया जाए।
आगे कहा कि प्रोपाइटर शिप फर्मों में पार्टनर बनाने के लिए मूल आवंटी द्वारा आवंटित दुकान के प्रीमियम धनराशि का 51% देने के नियम बनाए जाने उपरांत एक भी व्यापारी ने इसमें आवेदन नहीं किया है। इस व्यवस्था में बहुत खामियां हैं इसका भी विरोध किया जाएगा। भारतीय कृषि उत्पाद उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला वरिष्ठ महामंत्री गोपाल शुक्ला  ने* बताया कि वर्ष 2020 से ऑनलाइन व्यवस्था के साथ एक और दूसरी समानांतर ऑनलाइन व्यवस्था लागू करना कतई उचित नहीं है, इससे कृषि उत्पाद का व्यापार प्रभावित होगा।इस नई ऑनलाइन समानांतर व्यवस्था का विरोध किया जाएगा।
आगे कहा कि मंडी परिषद द्वारा प्रदेश में कच्चा चना व भूना चना को एक मानते हुए भूने चना  पर मंडी शुल्क पिछले कुछ समय से लागू किया गया है जो कि गलत है, भूना चना प्रोसेस किया हुआ होता है व रेडी टू ईट है।इस पर मंडी शुल्क नहीं लगना चाहिए इसका विरोध जारी रहेगा। बैठक में भारतीय उद्योग व्यापार प्रतिनिधिमंडल के जिला महामंत्री अर्जित गुप्ता, अज्जू,कोषाध्यक्ष राजेंद्र मिश्र, वरिष्ठ उपाध्यक्ष मनोज द्विवेदी, शिवकुमार गुप्ता, अनीस शुक्ला, संदीप तिवारी, अजय गुप्ता, सोनी, आशीष गुप्ता, आशु गुप्ता, कार्तिकेय गुप्ता, अशोक गुप्ता, प्रकाश गुप्ता, गोपाल वर्मा, महेश गुप्ता, रसिक ओमर, शुभम गौतम आदि थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
'वो हमसे दोस्ती करना चाहती हैं, लेकिन मैं नहीं करूंगा', ट्रंप ने मेलोनी के बारे में फिर लिखी ऊल-जलूल बातें; कल इटली PM ने दिया था मुंहतोड़ जवाब | महाराष्ट्र के परभणी में बड़ा हादसा, हनुमान मंदिर परिसर में छत गिरी; मलबे में कई श्रद्धालु दबे, मची अफरातफरी | पुलिस पर हमला कर पति को छुड़ाने की कोशिश करने के आरोप में TMC नेता जहांगीर खान की पत्‍नी सरीना गिरफ्तार | तेज प्रताप ने आकाश के खिलाफ दर्ज कराई FIR, बोले- पिता लालू यादव और मेरी हत्या करवाना चाहता है अनुष्का का भाई
Advertisement ×