- दी FIR कराने की दी चेतावनी
कानपुर। गोविंद नगर विधानसभा क्षेत्र में लगातार हो रही वर्षा के कारण उत्पन्न हुई जलभराव की समस्याओ को देखते हुए नगर आयुक्त एवं उनकी पूरी टीम के साथ जाकर निरीक्षण किया।
निरीक्षण में नगर आयुक्त से कहा कि स्थानीय व्यापारी और आम जनता बेहद त्रस्त है। जनता की इसी समस्या का त्वरित संज्ञान लेते हुए क्षेत्रीय विधायक सुरेंद्र मैथानी ने नगर आयुक्त अर्पित उपाध्याय के साथ प्रभावित क्षेत्रों का स्थलीय निरीक्षण भी किया। मौके से ही विधायक ने कानपुर कमिश्नर पांडयन से नगर आयुक्त की मौजूदगी में बात की। और नगर आयुक्त से कहा कि आपके विभाग के भी जो लापरवाह लोग हैं उन पर कड़ा एक्शन लीजिए। अन्यथा हम लोग मजबूर होंगे और हमारा तरीका थोड़ा अच्छा नहीं होगा। जिससे आपके विभाग को कठिनाई होगी। इसलिए समय रहते इस पर आवश्यक कठोर कार्रवाई करिए। जिससे कानपुर जल भराव से मुक्ति पा सके।
निरीक्षण के दौरान जब विधायक और नगर आयुक्त देवकी सिनेमा परिसर पहुंचे, तो वहां की स्थिति अत्यंत दयनीय पाई गई। क्षेत्र का मुख्य नाला पूरी तरह से टूटा हुआ था, जिसके कारण नाले का गंदा पानी बैक मारकर सीधे लोगों के घरों और दुकानों में घुस रहा है। इस वजह से क्षेत्र में लगातार जलभराव की गंभीर समस्या बनी हुई है। इस पर तुरंत नाराजगी व्यक्त करते हुए, मेट्रो के अधिकारियों को मौके पर ही बुलाया।
मेट्रो अधिकारियों को सख्त चेतावनी: “मेट्रो काम रुकवा दूंगा, जनता की परेशानी बर्दाश्त नहीं”
स्थानीय जनता और व्यापारियों का दर्द देखकर विधायक सुरेंद्र मैथानी का पारा चढ़ गया। उन्होंने तत्काल मौके पर ही मेट्रो के वरिष्ठ अधिकारी PM मीणा एवं उनकी निर्माणाधीन टीम के लापरवाही पर ज़ोरदार फटकार लगाई।
विधायक ने बेहद कड़े रुख में चेतावनी देते हुए कहा:
“मेट्रो के कारण जल भराव की स्थिति को बर्दाश्त नहीं करेंगे और जो भी मेट्रो के निर्माण के लिए कवर किए गए, टीन-टप्पड़ यहां हैं, उन्हें उखड़वाकर फिंकवा दूंगा काम बंद करवा दूंगा। अगर जनता को राहत नहीं मिली, तो आपके खिलाफ एफआईआर (FIR) भी दर्ज कराकर मेट्रो का काम तब तक नहीं होने दूंगा, जब तक मेट्रो के कारण से जल भराव की स्थिति पर नियंत्रण न पाया जा सके । मेट्रो बनने में एक महीना लेट हो जाए तो मुझे मंजूर है, लेकिन मेरी जनता को किसी भी तरह की कठिनाई का सामना करना पड़े, यह मैं कतई बर्दाश्त नहीं करूंगा।”
मेट्रो के अधिकारी मीणा के द्वारा व्यवस्थाओं को व्यवस्थित करने के लिए मांगे गए 7 दिन के समय पर विधायक ने कहा कि मैं आपको 7 दिन का अल्टीमेटम देता हूं और ‘पर डे, यानी रोज’ मॉनिटरिंग, मेरे पार्षद नीरज बाजपेई करेंगे। और कहा कि मैं स्वयं भी रोज इसकी मॉनिटरिंग लूंगा। जिससे 7 दिन बाद स्थिति खराब हुई तो उस पर कार्रवाई उससे पूर्व ही की जा सके।
मेट्रो के अधिकारियों द्वारा जलभराव और नाले एवं सीवर लाइन चौक को ठीक करने के लिए, तथा जल भराव रोकने के लिए, उसकी मरम्मत की समस्या को ठीक करने के लिए 7 दिन का समय मांगा गया है। इस पर विधायक ने उन्हें 7 दिन की अंतिम हिदायत (अल्टीमेटम) दिया है।
काम में किसी भी तरह की ढिलाई न हो, इसके लिए विधायक सुरेंद्र मैथानी ने स्थानीय पार्षद नीरज बाजपेई को बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। उन्होंने पार्षद नीरज वाजपेई, जो लगातार देवकी टाकीज चौराहे के सीवर चौक, मेट्रो के लापरवाही के कारण से हुई थी, उसमें जनता की परेशानी में अति सक्रिय है, उनको कहा कि वे इस पूरे कार्य की खुद रोज शाम को मॉनिटरिंग (निगरानी) करेंगे और प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट सीधे मुझे भी देंगे। ताकि मेट्रो और नगर निगम के अधिकारियों की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा सके।
विधायक ने साफ किया कि मेट्रो द्वारा विकास कार्यों के नाम पर, जनता का उत्पीड़न और जल भराव जैसी स्थिति को किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। मजबूरी में, जनहित में, मेट्रो का टीन-टप्पड़ उखाड़कर फिंकवा दिया जाएगा और मेट्रो का काम रुकवा दिया जाएगा। पहले सीवर चौक को ठीक करें, तब आगे मेट्रो का काम करें। हम मेट्रो कार्य में बाधक नहीं हैं, लेकिन हम, जनता को उसके हाल पर नहीं छोड़ सकते। इसके लिए किसी भी सीमा तक जाना पड़े तो मैं जाऊंगा। और माननीय मुख्यमंत्री के संज्ञान में देकर आवश्यकता अनुसार FIR भी दर्ज करा दूंगा।
उक्त निरीक्षण में विधायक के साथ नगर आयुक्त एवं नगर निगम के चीफ फरीद अख्तर जैदी एवं जोन 6 के अधिशासी अभियंता आरके सिंह, अवर अभियंता बालेंद्र प्रताप सिंह एवं आदि टेक्निकल टीम और मेट्रो के कानपुर के प्रोजेक्ट मैनेजर PM अरविंद मीणा एवं जल संस्थान के GM आनंद त्रिपाठी तथा एक्स.सुशील कुमार सिंह आदि के साथ पार्षद नीरज रक्सेल एवं पार्षद नीरज बाजपेई, हृदेश पाल (राजा) धीरज रक्सेल, दिलीप सिंह पूर्व अध्यक्ष कुलवंत सिंह भाटिया, त्रिलोचन सिंह, चरणपाल, नितिन सचदेवा, रिकी भाटिया, मोनू खंडूजा, हर्ष, पवन एवं गड़रियनपुरवा मोटर मार्केट के पदाधिकारी, दुकानदार, व्यापारी तथा जल भराव से पीड़ित आम जनता आदि उपस्थित थे।
