सिटी हेल्थ एक्शन प्लान, टीबी उन्मूलन एवं टीकाकरण अभियान की समीक्षा

  • लापरवाही पर DM सख्त, खराब प्रदर्शन पर वेतन रोकने के दिए निर्देश
कानपुर। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला टीबी टास्क फोर्स कमेटी एवं सिटी हेल्थ एक्शन प्लान कमेटी की बैठक संपन्न हुई। बैठक में राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (टीबी) एवं नियमित टीकाकरण अभियान की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
टीबी स्टीयरिंग कमेटी की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि मसवानपुर के डॉ. प्रीतम द्वारा टीबी स्क्रीनिंग का कार्य सबसे कम किया गया है तथा इसके संबंध में वे कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण भी प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए उनके विरुद्ध कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा कार्य में अपेक्षित सुधार होने तक वेतन रोकने के निर्देश दिए।
जिलाधिकारी ने जनपद के समस्त एमओआईसी को निर्देशित किया कि हाई-रिस्क क्षेत्रों में विशेष टीबी जागरूकता अभियान चलाकर अधिक से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि टीबी के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के लिए टीबी टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 1800-11-6666 का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए।
उन्होंने निर्देश दिए कि टीबी मरीजों की नियमित निगरानी के लिए जनपद के युवा मंगल दलों को सक्रिय किया जाए, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि प्रत्येक मरीज समय पर और नियमित रूप से दवा ले रहा है। साथ ही मरीजों को उपचार की पूरी अवधि तक दवा लेने के लिए लगातार प्रेरित किया जाए, ताकि जनपद को समयबद्ध रूप से टीबी मुक्त बनाया जा सके।
बैठक में नियमित टीकाकरण अभियान की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी एमओआईसी अपने-अपने क्षेत्रों में आशा एवं एएनएम के माध्यम से शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि जनपद का एक भी बच्चा टीकाकरण से वंचित नहीं रहना चाहिए।
उन्होंने निर्देशित किया कि प्रत्येक जोन के लिए एक जोनल अधिकारी नामित किया जाए, जो प्रत्येक बुधवार एवं शनिवार को आयोजित नियमित टीकाकरण सत्रों की समीक्षा करेगा।
जिलाधिकारी ने विशेष रूप से निर्देश दिए कि 9 माह से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को एमआर (मीजल्स-रूबेला) वैक्सीन अनिवार्य रूप से लगाई जाए, ताकि उन्हें खसरा एवं रूबेला जैसी गंभीर बीमारियों से सुरक्षित रखा जा सके। इसके लिए ड्यू-लिस्ट तैयार कर छूटे हुए बच्चों का प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण कराया जाए।
उन्होंने कहा कि यदि किसी बच्चे को बुखार के साथ शरीर पर लाल चकत्ते दिखाई दें तो अभिभावक तत्काल उसे निकटतम स्वास्थ्य केंद्र ले जाकर चिकित्सकीय परामर्श प्राप्त करें तथा आवश्यक उपचार एवं टीकाकरण सुनिश्चित कराएं। उन्होंने पुनः निर्देश दिए कि कोई भी पात्र बच्चा टीकाकरण से वंचित न रहे।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जे. जैन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरि दत्त नेमी, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध प्रकाश, डॉ. एस.पी. यादव, जेसीआई संस्था से डॉ. विभोर कौशिक, सुश्री हुडा ज़हरा सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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