कानपुर। नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण, परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग तथा दिल्ली के जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों के समर्थन में प्रस्तावित सत्याग्रह को पुलिस द्वारा फूलबाग स्थित गांधी प्रतिमा पर नहीं होने दिया गया। कार्यक्रम स्थल पर पुलिस की रोक और बैरिकेडिंग के बाद विधायक अमिताभ बाजपेई ने अपने साथियों के साथ काकादेव स्थित आवास पर ही 24 घंटे का सत्याग्रह किया।
सत्याग्रह के समापन के उपरांत भारत की महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित ज्ञापन एडीसीपी अर्चना सिंह को सौंपा गया। सत्याग्रह के दौरान विधायक अमिताभ बाजपेई ने कहा कि देश का युवा केवल निष्पक्ष परीक्षा, समान अवसर और न्याय की मांग कर रहा है। प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता पर लगातार सवाल उठना लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। लोकतंत्र में शांतिपूर्ण ढंग से अपनी बात रखने वाले छात्रों की आवाज दबाने के बजाय उनकी बात सुनी जानी चाहिए। ज्ञापन में कहा गया कि नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण से देश की परीक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर गंभीर प्रश्न खड़े हुए हैं तथा वर्षों की मेहनत करने वाले लाखों विद्यार्थियों एवं उनके परिवारों का विश्वास आहत हुआ है। साथ ही दिल्ली के जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण आंदोलन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच की मांग की गई।
ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख रूप से मांग की गई कि नीट पेपर लीक प्रकरण की निष्पक्ष, पारदर्शी एवं समयबद्ध जांच कर सभी दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाए तथा परीक्षा व्यवस्था को पूर्णतः पारदर्शी एवं सुरक्षित बनाया जाए। जंतर-मंतर पर आंदोलनरत छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज एवं बल प्रयोग की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। नीट पेपर लीक प्रकरण एवं उससे उत्पन्न मानसिक तनाव के कारण आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं के परिजनों को उचित आर्थिक मुआवजा एवं सरकारी सहायता प्रदान की जाए। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री श्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए अपने पद से इस्तीफा देने की मांग की गई।
