कानपुर (बीपीएस न्यूज)। नौबस्ता गल्ला मंडी स्थित सागरपुरी, दुर्गा चौराहा क्षेत्र में शनिवार को बिजली विभाग की घोर लापरवाही के चलते क्षेत्रीय जनता को भीषण पेयजल संकट और गर्मी का सामना करना पड़ा। सुबह 10 बजे दुर्गा चौराहे पर लगे ट्रांसफार्मर में आई खराबी के कारण ठप हुई बिजली सप्लाई रात 7:30 बजे चालू हो सकी। करीब साढ़े नौ घंटे तक बिजली गायब रहने से इलाके के निवासी बूंद-बूंद पानी के लिए तरस गए।
स्थानीय निवासियों का आरोप है कि क्षेत्र में आए दिन यह समस्या बनी रहती है, लेकिन केस्को कर्मचारी और अधिकारी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं देते। उपभोक्ताओं का कहना है कि जब केस्को के हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत दर्ज कराई जाती है, तो बिना मौके पर पहुंचे और बिना समाधान किए ही ऑनलाइन स्टेटस रिपोर्ट में ‘समस्या का समाधान’ दर्ज कर दिया जाता है।
लापरवाही की खुली पोल: टेक्नीशियन और लाइनमैन में तालमेल की कमी
शाम करीब 5:30 बजे बीपीएस न्यूज संवाददाता जब मौके पर पहुंचे, तो वहां पहले से मौजूद लीकेज टेक्नीशियन राकेश यादव ने केस्को की कार्यप्रणाली की पोल खोलकर रख दी। उन्होंने बताया, “मैं एक घंटे से यहां बैठा हूं, लेकिन कोई अधिकारी या कर्मचारी नहीं आया। मैंने दोपहर 2 बजे ही लाइनमैन संजय और मलखान की मौजूदगी में ट्रांसफार्मर ठीक कर दिया था। लेकिन उन्होंने मेरे सामने लाइन चालू नहीं की। मेरे जाने के बाद चुपके से लाइन चालू करने का प्रयास किया गया। अगर समय रहते सही तरीके से लाइन चालू कर दी जाती, तो लोगों को इतनी परेशानी न उठानी पड़ती।”
SDO के हस्तक्षेप के बाद पहुंची टीम, लोगों का फूटा गुस्सा
मामले की गंभीरता को देखते हुए बीपीएन न्यूज संवाददाता ने तुरंत गल्ला मंडी समिति केस्को एसडीओ से फोन पर बात कर स्थिति की जानकारी दी। एसडीओ के निर्देश पर जब लाइनमैन मौके पर पहुंचे, तो आक्रोशित क्षेत्रीय लोगों ने उन्हें घेर लिया और जमकर नारेबाजी की।
स्थिति बिगड़ते देख ट्रांसफार्मर के पास रहने वाले राकेश शुक्ला ने बीच-बचाव कर लोगों को शांत कराया। इसके बाद केस्को कर्मचारियों ने मरम्मत कार्य शुरू किया और शाम 7:30 बजे बिजली आपूर्ति बहाल हो सकी। बिजली आते ही क्षेत्रीय नागरिकों ने राहत की सांस ली। local लोगों ने उच्च अधिकारियों से लापरवाह कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
