1 अक्टूबर 2026 से देश में आम आदमी की जेब और रोजमर्रा से जुड़े कई महत्वपूर्ण बदलाव होने जा रहे हैं। एलपीजी सिलेंडर की कीमतों, बैंकिंग नियमों से लेकर इलेक्ट्रॉनिक सामानों के दामों तक, इन 10 बदलावों का सीधा असर आपके बजट पर पड़ेगा। आइए जानते हैं कि 1 अक्टूबर से आपकी जेब पर क्या असर पड़ेगा?
हर महीने की पहली तारीख की तरह 1 अक्टूबर से तेल विपणन कंपनियां एलपीजी सिलेंडर की नई कीमतें जारी करेंगी। जहां बीते महीनों में 19 किलो वाले कमर्शियल सिलेंडर के दामों में लगातार उतार-चढ़ाव देखा गया है, वहीं 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की दरें स्थिर रही हैं। इस संशोधन पर आम उपभोक्ताओं की विशेष नजर रहेगी।
रसोई गैस सब्सिडी का लाभ निरंतर प्राप्त करने के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन या ई-केवाईसी (eKYC) प्रक्रिया पूरी करना अनिवार्य कर दिया गया है। जिन्होंने यह काम पहले ही निपटा लिया है, उन्हें दोबारा कराने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन शेष उपभोक्ताओं के लिए इसे पूरा न करने पर सब्सिडी रुक सकती है।
गैस बुकिंग और डिलीवरी प्रक्रिया को अधिक सुरक्षित बनाने के लिए ओटीपी आधारित डिलीवरी (OTP Based Delivery) व्यवस्था लागू की जा रही है। अब सिलेंडर की डिलीवरी लेते समय केवल रसीद पर्याप्त नहीं होगी, बल्कि ग्राहक के पंजीकृत मोबाइल नंबर पर आए वन-टाइम पासवर्ड का सत्यापन करना अनिवार्य होगा।
1 अक्टूबर से एयर टर्बाइन फ्यूल (ATF) की नई दरें लागू होंगी। तेल कंपनियां अंतरराष्ट्रीय बाजार के रुझानों के आधार पर हवाई ईंधन की कीमतों की समीक्षा करती हैं। एटीएफ के दामों में होने वाले फेरबदल का सीधा असर हवाई यात्रा के किरायों पर देखने को मिलता है।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के बेसिक सेविंग्स (BSBD) खातों के लिए महीने में 4 बार से अधिक एटीएम निकासी पर 15 रुपये + जीएसटी शुल्क लगेगा। वहीं सैलरी खाताधारकों के लिए मुफ्त मासिक लेन-देन की सीमा 10 से घटाकर 5 कर दी गई है। सीमा समाप्त होने के बाद प्रत्येक वित्तीय लेन-देन पर 23 रुपये + जीएसटी का भुगतान करना होगा।
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, बैंकों को रोजाना सुबह 10 बजे तक अपनी एफडी ब्याज दरों की जानकारी वेबसाइट पर अपडेट करनी होगी। इसके अलावा, एक ही तारीख को जमा की गई समान अवधि की एफडी पर बिना किसी भेदभाव के समान ब्याज दरें देना अनिवार्य कर दिया गया है।
21 दिनों की निर्धारित समय-सीमा के बाद जन्म या मृत्यु पंजीकरण कराने पर नियमों को सख्त किया जा रहा है। तय अवधि के बाद आवेदन करने पर जुर्माना बढ़ाया जा सकता है और देरी से पंजीकरण कराने की स्थिति में औपचारिक हलफनामा (Affidavit) जमा करना अनिवार्य हो सकता है।
कच्चे माल जैसे तांबा, एल्युमीनियम और स्टील के बढ़ते दामों के साथ-साथ माल ढुलाई महंगी होने के कारण होम इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पाद 8% तक महंगे हो सकते हैं। फेस्टिव सीजन की शुरुआत में टीवी, फ्रिज और एसी की कीमतों में यह वृद्धि ग्राहकों की जेब पर अतिरिक्त बोझ डालेगी।
त्योहारों के मौसम के कारण अक्टूबर में देश के अलग-अलग राज्यों में कुल 16 दिन बैंक शाखाएं बंद रहेंगी। इनमें साप्ताहिक अवकाशों के साथ-साथ गांधी जयंती और दशहरा जैसे प्रमुख पर्व शामिल हैं। हालांकि, इस दौरान यूपीआई, नेट बैंकिंग और एटीएम सेवाएं सामान्य रूप से चालू रहेंगी।
