उत्तर प्रदेश के बहराइच में हिंसा, राम गोपाल मिश्रा का बेरहमी से कत्ल और पुलिस एनकाउंटर दो आरोपियों रिंकू उर्फ सरफराज और तालिब को गोली लगने के बाद तनाव बढ़ा हुआ है. एनकाउंटर के बाद जुमे की नमाज को लेकर बहराइच में चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बलों की तैनाती की गई है. जुमे को लेकर बढ़ती भीड़ के मद्देनजर बहराइच में पुलिस और अर्ध सैनिक बलों को हाई अलर्ट किया गया है.
आधार कार्ड दिखाकर ही गांवों में लोगों की एंट्री
किसी भी हालात से निपटने के लिए पुलिस और अर्धसैनिक बल तैयार
बहराइच से लगने वाली सभी जिला की सीमा पर चेकपोस्ट तमाम गाड़ियों की चेकिंग भी कर रही है. इसके अलावा, पुलिस बहराइच के मसही और महाराजगंज इलाके में सुरक्षा को लेकर कड़ी चौकसी कर रही है. संवेदनशील इलाकों में पुलिस और अर्धसैनिक बल माहौल बिगाड़ने वाले किसी भी हालात से निपटने के लिए तैयार हैं. इसके अलावा जिला प्रशासन ने भी लोगों से अफवाहों से बचने और शांति की अपील की है.
दूसरी ओर, यूपी पुलिस हत्या के आरोपियों पर रासुका (NSA) के तहत कार्रवाई की तैयारी में है. बहराइच मामले में अब तक 11 एफआईआर दर्ज की जा चुकी है. वहीं, महाराजगंज में रामगोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या करने के मामले में अब तक छह आरोपियों की गिरफ्तारी की खबर है. इनमें से दो आरोपी रिंकू उर्फ सरफराज और तालिब नेपाल भागने की फिराक में थे. इसी दौरान, पुलिस ने उन्हें रोका तो आरोपियों ने फायरिंग शुरू कर दी. जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी गोली लगने से घायल हो गए.
बाद में पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर नजदीकी अस्पताल भेजा. इलाज के बाद शुक्रवार को इन दोनों के साथ ही मुख्य आरोपी अब्दुल हमीद और बाकी आरोपियों को भी पुलिस कोर्ट में पेश करने वाली है. राम गोपाल मिश्रा हत्याकांड मामले में अब्दुल हमीद और उसके बेटे सरफराज उर्फ रिंकू उर्फ सलमान, फहीम के अलावा राजा उर्फ साहिर, ननकउ, मारुफ और चार अज्ञात लोगों पर मुकदमा दर्ज किया गया था.
बहराइच में दुर्गा प्रतिमा की विसर्जन यात्रा पर पथराव और गोलीबारी से तनाव
बहराइच जिले के महाराजगंज कस्बे में रविवार शाम को दुर्गा प्रतिमा के विसर्जन के लिए निकले जुलूस पर पथराव के बाद भड़की सांप्रदायिक हिंसा के बाद में तनाव बना हुआ है. हिंसा के दौरान 22 वर्षीय युवक राम गोपाल मिश्रा की गोली मारकर हत्या और पथराव में कई लोगों के घायल होने के बाद से इलाके में भारी पुलिस बल तैनात है. इलाके में चारों ओर सन्नाटा पसरा हुआ है और सभी दुकान और व्यापारिक प्रतिष्ठान बंद हैं. पुलिस और प्रशासन ने इस बीच इंटरनेट बंद कर और सड़क पर फ्लैग मार्च निकालकर माहौल को शांत करने की कोशिश की है.
बहराइच में एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए, अधिकारियों को सीधा निर्देश
बहराइच जिले में सांप्रदायिक तनाव के चलते बिगड़ते हालात को देखते हुए 12 कंपनी पीएससी, 2 कंपनी सीआरपीएफ, 1 कंपनी आरएएफ और गोरखपुर ज़ोन की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया. माहौल को जल्द सामान्य बनाने के लिए 4 आईपीएस, 2 एएसपी, 4 सीओ की तैनाती की गई. मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर बहराइच में ग्राउंड जीरो पर एडीजी कानून-व्यवस्था और गृह सचिव को भेजा गया था. बहराइच के हालात पर खुद सीएम योगी भी सीधी नजर रखे हुए थे. पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों को सीधा निर्देश दिया गया है कि एक भी उपद्रवी बचना नहीं चाहिए.
