- एआइ सक्षम व बडा डेटा आधारित याताया व्यवस्थापक प्लेटफार्म है अस्त्रम
कानपुर। कानपुर के आम-जनमानस के लिए जहां शहर की यातायात व्यवस्था और जाम एक बडी मुसीबत बन चुका है तो वहीं विभागीय यातायात अधिकारियों के लिए भी यह समस्या किसी चुनौती से कम नही है। उस समय स्थित और भी भयावह हो जाती है, जब शहर में कोई खास राजनैतिक या सामाजिक गतिविधि हो। इसके साथ ही त्योहारो, मांगलिक कार्यो के समय भी शहरवासी जाम से जूझते दिखायी देते है। अन्य दिनों में भी जाम से निजाद नही मिलती। इतना जुरूर है कि दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक कुछ राहत जरूर होती है। लगातार जाम की स्थित को देखते हुए अब यातायात पुलिस ने नीदरलैंड की आकेंडिस प्रबंधन कम्पनी के साथ करार किया है। इस प्रोजेक्ट के लागू होने के बाद शहर में कहीं भी जाम की स्थित हर 15 मिनट में मिलती रहेगी, जिससे चैराहो पर पुलिसकर्मियों को अलर्ट मिलेगा।
शहर की वर्तमान में सबसे बडी समस्या जाम बन चुका है। इसी समस्या से निजाद दिलाने की कवायद अधिकारियों द्वारा समय समय पर की जाती रही है। कई प्रयासों के बाद भी जाम से छुटकारा नही मिल रहा है। अब इस समस्या से निजाद दिलाने के लिए एक बार फिर यातायात विभाग द्वारा नीदरलैंड की आर्केडिस प्रंबधन कम्पनी के साथ करार करते हुए प्रोजेक्ट अस्त्रम को शहर में शुरू किया जा रहा है। अस्त्रम का पूरा नाम एक्शनेबल इटेलीजेंस फाॅर सस्टेनेबल ट्रैफिक मैनेजमेंट है। इस विषय में बताया गया कि श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर शहर में जाम की स्थित से निपटने के लिए अस्त्रम का पहला ट्रायल किया जायेगा। अस्त्रम का काम यातायात का डाटा एकत्र करना है, जिससे अधिकारी यह जान पायेंगे कि अभी क्या हो रहा है और क्यों हो रहा है और इस कारण पहले से अच्छे और कम समय में निर्णय लिया जा सकेगा। वही जनता भी इसके मोबाइल एप के माध्यम से यातायात का तत्काल अपडेट देख सकती है।
