- जापान के रेंकोजी मंदिर की अस्थियों पर पुनः जांच की मांग
कानपुर। ट्रेड यूनियन कोऑर्डिनेशन सेंटर (TUCC) जो भारत सरकार के श्रम मंत्रालय से मान्यता प्राप्त केंद्रीय ट्रेड यूनियन है, के कानपुर मंडल के पदाधिकारियों ने अपर सिटी मजिस्ट्रेट, कानपुर नगर के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को संबोधित दो सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन महासचिव कानपुर मंडल दिनेश सिंह भोले, केंद्रीय सदस्य शरद प्रकाश अग्रवाल, उपाध्यक्ष अरविन्द शुक्ला और मंडल उपाध्यक्ष राकेश रावत, एडवोकेट सचिन सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में दिया गया।
ज्ञापन में दो प्रमुख मांगे रखी गई हैं
1. भाजपा, पश्चिम बंगाल के अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद समिक भट्टाचार्य तथा राज्यसभा सांसद अनंत महाराज उर्फ नागेन्द्र राय द्वारा नेताजी सुभाष चंद्र बोस के विरुद्ध की गई अपमानजनक एवं निराधार टिप्पणियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ज्ञापन में कहा गया है कि अनंत महाराज ने नेताजी के पिता का नाम लेकर अपमान किया, आजाद हिंद सरकार और INA के अधिकार पर प्रश्न उठाया और यहां तक कहा कि उनकी नारायणी सेना ने नेताजी को मार डाला। यह स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में अब तक की सबसे निंदनीय टिप्पणी है, जिससे देश भर के लाखों नेताजी अनुयायियों की भावना आहत हुई है।
2. जर्मनी निवासी अनीता पफ द्वारा सुप्रीम कोर्ट में स्वयं को नेताजी की पुत्री बताकर दायर याचिका, जो जापान के रेंकोजी मंदिर में रखी अस्थियों को नेताजी की अस्थि मानने पर आधारित है, को भारत सरकार द्वारा स्वीकार न किया जाए। TUCC ने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा 1999 में गठित जस्टिस मनोज कुमार मुखर्जी आयोग ने ही ताइवान सरकार से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर 18 अगस्त 1945 की विमान दुर्घटना के सिद्धांत को खारिज कर दिया था, अतः रेंकोजी मंदिर की अस्थियां नेताजी की नहीं हो सकतीं। मुखर्जी आयोग की अधूरी जांच को पुनर्जीवित कर पूर्ण किया जाए और तब तक सुप्रीम कोर्ट में दायर याचिका को खारिज किया जाए।
TUCC नेताओं ने कहा कि प्रधानमंत्री जी ने नेताजी के गोपनीय दस्तावेज सार्वजनिक कर, अंडमान में द्वीप का नाम नेताजी के नाम पर रखकर, 2018 में आजाद हिंद सरकार की 75वीं वर्षगांठ मनाकर और इंडिया गेट पर नेताजी की प्रतिमा लगाकर जो सम्मान दिया है, उसी भावना के तहत इन अपमानजनक बयानों पर रोक लगाई जाए।
