कानपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर नगर के निर्देशों के अनुपालन में नोडल अधिकारी (वीबीडी) डॉ. राजेश्वर सिंह तथा जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में जनपदीय वीबीडी टीम ने सहयोगी संस्था पाथ के रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. शिवकांत के साथ विकासखंड चौबेपुर के ग्राम किशनपुर का भ्रमण किया। इस दौरान क्षेत्र में संचालित मच्छर जनित रोग नियंत्रण एवं संचारी रोग रोकथाम गतिविधियों का निरीक्षण किया गया।
भ्रमण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौबेपुर की विभागीय टीम द्वारा आयोजित स्वास्थ्य शिविर का अवलोकन किया गया। शिविर में ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मच्छर जनित रोगों के लक्षण, बचाव, समय से जांच तथा उपचार के संबंध में जागरूक किया गया। ग्राम किशनपुर में आयोजित स्वास्थ्य शिविर में 80 रोगियों का परीक्षण कर उन्हें आवश्यक औषधियां वितरित की गईं। 35 रोगियों की मलेरिया एवं डेंगू जांच की गई तथा डेंगू की पुष्टि के लिए 19 नमूने एसएसएच प्रयोगशाला भेजे गए। वहीं विकासखंड कल्याणपुर के ग्राम कुरसौली में आयोजित शिविर में 25 रोगियों का परीक्षण किया गया, 20 रोगियों की जांच की गई तथा 4 नमूने डेंगू जांच के लिए भेजे गए। डिस्ट्रिक्ट रैपिड रिस्पांस टीम द्वारा भी क्षेत्र में स्वास्थ्य परीक्षण एवं सर्वेक्षण कार्य किया गया, जिसमें 36 व्यक्तियों की जांच की गई तथा 5 नमूने डेंगू परीक्षण के लिए भेजे गए।
जनपद में आयोजित इन गतिविधियों के दौरान कुल 141 रोगियों का परीक्षण एवं उपचार किया गया। 90 व्यक्तियों की मलेरिया एवं डेंगू जांच की गई, जबकि किसी भी व्यक्ति में मलेरिया संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई। डेंगू की जांच हेतु कुल 28 नमूने प्रयोगशाला भेजे गए।
जनपदीय वीबीडी टीम ने ग्रामीणों को सलाह दी कि घरों एवं आसपास पानी का अनावश्यक जमाव न होने दें। कूलर, पानी की टंकियों तथा अन्य जल संग्रहण स्थलों की नियमित सफाई करें। अनुपयोगी टायर, डिब्बे, गमले एवं अन्य पात्रों में पानी जमा न होने दें। जलभराव वाले स्थानों पर आवश्यकतानुसार केरोसिन अथवा जले हुए मोबिल ऑयल का छिड़काव करें तथा मच्छरों से बचाव के लिए रिपेलेंट क्रीम का प्रयोग करें। साथ ही शरीर को अधिकतम कपड़ों से ढककर रखें और बुखार आने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराएं।
सर्वेक्षण के दौरान टीम द्वारा 65 घरों का भ्रमण किया गया तथा लगभग 346 जल-पात्रों एवं कंटेनरों की जांच की गई। जांच के दौरान 8 स्थानों पर मच्छरों के लार्वा की ब्रीडिंग पाई गई, जिन्हें तत्काल नष्ट कराते हुए संबंधित गृहस्वामियों को भविष्य में जलभराव न होने देने के लिए जागरूक किया गया। इस अवसर पर स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों एवं फील्ड स्टाफ को वीबीडी सर्विलांस, फीवर केस डिटेक्शन, समयबद्ध रिपोर्टिंग, जांच एवं उपचार तथा मच्छर नियंत्रण संबंधी गतिविधियों के प्रभावी संचालन के निर्देश भी दिए गए।
स्वास्थ्य विभाग ने जनसामान्य से अपील की है कि मच्छर जनित एवं संचारी रोगों की रोकथाम में जनसहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। प्रत्येक नागरिक अपने घर एवं आसपास स्वच्छता बनाए रखें तथा किसी भी व्यक्ति को बुखार होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तत्काल स्वास्थ्य विभाग से संपर्क कर जांच एवं उचित उपचार प्राप्त करें।
संचारी रोगों एवं मच्छर जनित बीमारियों से संबंधित सूचना अथवा परामर्श के लिए यूएचएम चिकित्सालय, परेड स्थित नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 9335301096 पर संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त नगर निगम नियंत्रण कक्ष के हेल्पलाइन नंबर 0512-2526004 एवं 0512-2526005 पर भी सूचना उपलब्ध कराई जा सकती है। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संबंधित क्षेत्र में स्वास्थ्य विभाग एवं नगर निगम की टीमों द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
