राष्ट्र व समाज में फैली बुराइयों को समूल समाप्त करने का संकल्प दिवस बना वीर बाल दिवस : ज्योति बाबा

कानपुर। वीर बाल दिवस हर साल 26 दिसंबर को मनाया जाता है यह सिखों के दसवें गुरु गोविंद सिंह के चार युवा पुत्रों साहबजादो की बहादुरी और बलिदान का स्मरण कराता है 1704 में मुगल साम्राज्य द्वारा सिखों के तीव्र उत्पीड़न की अवधि के दौरान बाबा जोरावर सिंह उम्र 9वर्ष बाबा फतेह सिंह उम्र 7 वर्ष को पकड़ लिया गया और उन्हें क्रूर अल्टीमेटम दिया गया इस्लाम में धर्मांतरण करो या मौत का सामना करो असाधारण बहादुरी दिखाते हुए उन्होंने अपने धर्म को त्यागने के बजाय शहादत को चुना व उनका बलिदान न केवल सिख इतिहास का एक मार्मिक अध्याय है बल्कि धार्मिक और सांस्कृतिक सीमाओं को पार करते हुए अपने विश्वासों के प्रति अदम्य साहस और निष्ठा का प्रतीक भी है इसीलिए वीर बाल दिवस पर उत्तर प्रदेश के समस्त परिषदीय स्कूलों के बच्चे नशा मुक्त संकल्प कुंभ लेकर सर्वोच्च बलिदान को सम्मान एवं अविष्मरणीय उद्देश्यपूर्ण बनाएंगे उपरोक्त बात सोसाइटी योग ज्योति इंडिया व बेसिक शिक्षा विभाग उत्तर प्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में उत्तर प्रदेश के समस्त परिषदीय स्कूलों में वीर बाल दिवस 26 दिसंबर पर आयोजित किए जाने वाले नशा मुक्त संकल्प कुंभ के बारे में पत्रकारवार्ता करते हुए अंतर्राष्ट्रीय नशा मुक्ति अभियान के प्रमुख एशिया बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्डधारी योग गुरू ज्योति बाबा ने कहीं।
ज्योति बाबा ने पत्रकारों को बताया कि 26 दिसंबर वीर बाल दिवस पर उत्तर प्रदेश के समस्त परिषदीय स्कूलों के एक करोड़ 70 लाख से ज्यादा छात्र-छात्राएं भारत के बचपन को नशा, प्रदूषण,कुपोषण,हिंसा,प्लास्टिक व बाल बंधुआ मजदूरी से मुक्ति हेतु जन-जन को जागरूक करने के लिए नशा मुक्त संकल्प कुंभ का आयोजन कर विश्व रिकॉर्ड बनाएंगे,भारत में उत्तर प्रदेश दुनिया में ऐसा करने वाला पहला राज्य बन जाएगा जहां इतनी बड़ी संख्या में एक साथ प्रार्थना के बाद अपने स्कूल में वीर बाल दिवस पर संकल्प लेकर विशेष रूप से युवा पीढ़ी को उनके देश के समृद्ध इतिहास विरासत और इसके निर्माण में किए गए बलिदानों के बारे में शिक्षित और याद दिलाने का निरंतर कार्य करेगा और यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। प्रोजेक्ट को-ऑर्डिनेटर पियूष रंजन सनातनी ने कहा कि बच्चों के बचपन को नशे के रोग से बचाने हेतु सभी सामाजिक व धार्मिक संघटनों को संयुक्त रूप से आगे आना ही होगा।
चीफ को-ऑर्डिनेटर मनोज शुक्ला महाकाल ने कहा कि सनातन हिंदू परिवार संस्कृति को बचाने के लिए नशे का हर स्तर पर विरोध करते हुए युवा शक्ति को उत्कृष्ट भारतीय सनातन संस्कृति से जोड़ना होगा। मंगलामुखी मन्नत मां ने कहा कि वीर बाल दिवस पर हमें अपने बच्चों को त्याग और बलिदान की प्रेरणा देने के लिए स्वयं उत्कृष्ट उदाहरण बनना होगा । सोशल एक्टिविस्ट डॉ. वी. एन. पाल ने कहा की ज्योति बाबा के नेतृत्व में इतना बड़ा प्रेरणादाई कार्यक्रम कानपुर के साथ देश के लिए भी एक बड़ी उपलब्धि हासिल करेगा।

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