कानपुर। वोट चोरी, मतदाता सूची में कथित हेरफेर और लोकतंत्र पर हो रहे हमलों के खिलाफ कांग्रेस अब आर-पार की लड़ाई के मूड में है। आगामी 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में कांग्रेस और INDIA गठबंधन द्वारा आयोजित महारैली को सफल बनाने के लिए आज एआईसीसी के निर्देश पर राष्ट्रीय पर्यवेक्षक मनमोहन कटोच, राष्ट्रीय सचिव जगदीश जांगिड़, पूर्व प्रदेश अध्यक्ष बृजलाल खाबरी, कानपुर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता, ग्रामीण अध्यक्ष संदीप शुक्ला एवं देहात अध्यक्ष अम्बरीश सिंह गौड़ ने तिलक हाल में प्रेस वार्ता कर महारैली की तैयारियों की जानकारी दी।
कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जननायक राहुल गांधी एवं विपक्ष के आह्वान पर देशभर से युवा, किसान, मजदूर, व्यापारी, नौकरीपेशा और लोकतंत्र में विश्वास रखने वाले लाखों लोग दिल्ली पहुंचेंगे। कानपुर मंडल से भी हजारों लोगों को महारैली में शामिल कराने की व्यापक तैयारियां की जा रही हैं। नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह महारैली केवल राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जनता के वोट, लोकतांत्रिक अधिकार और संविधान की रक्षा की निर्णायक लड़ाई का शंखनाद है।
राष्ट्रीय पर्यवेक्षक मनमोहन कटोच ने चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि SIR के माध्यम से मतदाताओं के नाम काटे जाने को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। कांग्रेस लगातार मतदाता सूची की पारदर्शिता और निष्पक्ष चुनाव प्रक्रिया की मांग कर रही है। उन्होंने कहा कि मताधिकार पर किसी भी तरह का हमला लोकतंत्र की जड़ों पर हमला है और कांग्रेस जनता के वोट की ताकत को कमजोर नहीं होने देगी।
राष्ट्रीय सचिव जगदीश जांगिड़ ने कहा कि भाजपा की जनविरोधी नीतियों से देश का हर वर्ग परेशान है। जनता अब बदलाव चाहती है और भाजपा से छुटकारा पाने का मन बना चुकी है। 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान से उठने वाली आवाज सत्ता के अहंकार को चुनौती देगी। कांग्रेस कार्यकर्ता सड़क से संसद तक जनता के अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेंगे।
कानपुर महानगर कांग्रेस अध्यक्ष पवन गुप्ता ने कहा कि कानपुर महानगर और आसपास के क्षेत्रों में कांग्रेस कार्यकर्ता महारैली को सफल बनाने के लिए पूरी ताकत से जुटे हैं।ग्रामीण अध्यक्ष संदीप शुक्ला ने कहा कि बूथ से लेकर सड़क तक जनता को जागरूक किया जा रहा है। देहात अध्यक्ष अम्बरीश सिंह गौड़ ने कहा कि कांग्रेस का स्पष्ट संदेश है—वोट पर हमला बर्दाश्त नहीं होगा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष किया जाएगा।
