अदालत ने खारिज की याचिका, अवनीश दीक्षित को बड़ा झटका, करोड़ो की कुर्क संपत्ति नहीं मिलेगी वापस

कानपुर।  गैंगस्टर एक्ट के तहत जेल जा चुके पत्रकार अवनीश दीक्षित को अदालत से बहुत बड़ा झटका लगा है विशेष न्यायाधीश (गैंगस्टर एक्ट) निशा श्रीवास्तव की अदालत ने पुलिस कमिश्नर द्वारा जारी किए गए संपत्ति कुर्की के आदेश को पूरी तरह वैध ठहराते हुए अवनीश दीक्षित की याचिका को खारिज कर दिया है।
इस फैसले के बाद अब अवनीश को मकान, फॉर्च्यूनर कार समेत करोड़ों रुपये की कुर्क की गई संपत्ति वापस नहीं मिल सकेगी। नजूल की जमीन पर अवैध कब्जा करने, रंगदारी वसूलने और गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई का सामना कर रहे अवनीश दीक्षित ने जेल से रिहा होने के बाद एक याचिका दायर की थी इस याचिका में उसने 29 सितंबर 2025 को पुलिस प्रशासन द्वारा जारी किए गए संपत्ति कुर्की के आदेश को निरस्त करने की मांग की थी। अदालत में दोनों पक्षों के बीच तीखी बहस हुई, जिसके मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं-  अवनीश दीक्षित के वकील ने दलील दी कि अपराध सिद्ध हुए बिना किसी की संपत्ति कुर्क नहीं की जा सकती उन्होंने दावा किया कि किदवई नगर स्थित मकान अवनीश की पत्नी के फ्लैट की बिक्री और बैंक लोन से खरीदा गया था वहीं, कुर्क की गई फॉर्च्यूनर कार के लिए भी बैंक लोन और उधार की रकम का इस्तेमाल किया गया था।
इसके विपरीत, सरकारी वकील (अभियोजन पक्ष) ने कोर्ट को बताया कि अवनीश दीक्षित ने अपने संगठित गैंग के साथ मिलकर बड़े पैमाने पर जमीनों पर अवैध कब्जे, रंगदारी वसूली और धोखाधड़ी जैसे गंभीर अपराधों को अंजाम दिया, जांच में सामने आया कि इन्हीं आपराधिक गतिविधियों से अर्जित काले धन से करीब 2.68 करोड़ रुपये की संपत्तियां खरीदी गई थीं, जिनकी मौजूदा बाजार कीमत इस समय सवा तीन करोड़ रुपये से भी अधिक है। इसके अलावा अवनीश की पत्नी के आयकर रिटर्न (ITR) और उनके पास मौजूद वास्तविक संपत्ति के बीच भारी अंतर (मिसमैच) भी उजागर हुआ विशेष न्यायाधीश निशा श्रीवास्तव की अदालत ने दोनों पक्षों को सुनने और साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद पाया कि अवनीश दीक्षित महज एक आरोपी नहीं, बल्कि 16 सदस्यीय एक बड़े संगठित आपराधिक गिरोह का सरगना है।
आरोपी के खिलाफ अलग-अलग थानों में कुल 16 गंभीर मुकदमे दर्ज हैं, इतनी जल्दी भारी-भरकम लोन चुकाने और रकम के वैध स्रोतों को लेकर आरोपी पक्ष अदालत में कोई भी संतोषजनक जवाब या सबूत पेश नहीं कर सका । इन पुख्ता तथ्यों और पुलिस की जांच रिपोर्ट के आधार पर अदालत ने पुलिस कमिश्नर के कुर्की आदेश को बिल्कुल सही ठहराते हुए गैंगस्टर अवनीश दीक्षित की अर्जी को सिरे से खारिज कर दिया। इस फैसले से साफ है कि अपराध की कमाई से खड़ी की गई इस साम्राज्य पर कानून का शिकंजा कस चुका है।

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