कानपुर। राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के उत्पीड़न निवारण शिविर में पीड़ित दिव्यांगों ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। पुलिस थानों में दिव्यांग उत्पीड़न की रिपोर्ट नहीं दर्ज की जाती है। थाना प्रभारियों को दिव्यांगजन अधिनियम 2016 की जानकारी ही नहीं है। यही वजह है की दिव्यांगजन अधिनियम की धाराओं में दिव्यांगजनों की रिपोर्ट दर्ज नहीं हो पाती है।
राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि पार्टी लंबे समय से दिव्यांगजन अधिनियम 2016 थाने स्तर पर लागू करने के लिए संघर्ष कर रही है। पीड़ित दिव्यांग राज्य आयुक्त, अपर आयुक्त, सहायक आयुक्त दिव्यांगजन के यहां अपने उत्पीड़न कि शिकायत करें। धरना प्रदर्शन व ज्ञापनों के माध्यम से पुलिस के वरिष्ठ अधिकारीयों को दिव्यांगजन अधिनियम 2016 लागू करने की मांग की जा चुकी है। लेकिन आज तक निचले स्तर पर ये लागू नहीं हो सका है। कहा आज उत्पीड़न के जो मामले आये हैं। उन सभी मामलों को पुलिस आयुक्त को भेजकर कार्यवाही कि मांग कि जाएगी।
सभी मामलों में पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी कार्यवाही नहीं करते हैं तो 9 जून को कानपुर में मुख्यमंत्री आवास लखनऊ तक निकलने वाली शांन्ति मार्च पदयात्रा निकाल कर मुख्यमंत्री के सामने सभी मामलों को रख कर कार्यवाही कि मांग कि जाएगी। उत्पीड़न के शिकार आसमां बानों, उमाशंकर, अमित कुमार कनौजिया, भगवान दास, वैभव दीक्षित, सहित 14 दिव्यांगों ने अपनी शिकायत दर्ज करवाई। शिविर में जिला अध्यक्ष राहुल कुमार, महिला मोर्चा अध्यक्ष अल्पना कुमारी, गौरव कुमार आदि शामिल थे।
