भारतीय रसोई में पनीर की खास जगह है। यह सिर्फ स्वाद का मामला नहीं, सेहत का सवाल भी है। लेकिन मिलावट के इस दौर में बाजार से खरीदा गया पनीर असली है या नहीं, यह पहचानना चुनौती बन गया है। नकली पनीर स्वाद, रंग और टेक्सचर में असली जैसा लगता है, लेकिन वह शरीर को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है। भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) लगातार मिलावटी दूध और दूध से बने उत्पादों को लेकर चेतावनी देता रहा है। आइए जानते हैं चार आसान घरेलू तरीके जिनसे आप पनीर की शुद्धता जांच सकते हैं।
फ्लेम टेस्ट: जलाने पर सच्चाई आती है सामने
पनीर में डिटर्जेंट या सिंथेटिक केमिकल्स की मिलावट हो सकती है। पनीर का छोटा टुकड़ा धीमी आंच पर गर्म करें। अगर जलने पर केरोसिन या प्लास्टिक जैसी गंध आए, तो पनीर नकली है। असली पनीर जलने पर हल्का भूरा होता है, लेकिन गंधरहित रहता है।
पनीर को हाथ से दबाएं। असली पनीर हल्का दानेदार, नरम और थोड़ा बिखरने वाला होता है। नकली पनीर बहुत सख्त, स्पंजी या बहुत चिकना हो सकता है।
स्वाद और खुशबू टेस्ट: जीभ कभी झूठ नहीं बोलती
पनीर को थोड़ा चखें। असली पनीर में दूध जैसी सोंधी खुशबू और हल्का मिठास होता है। अगर स्वाद खट्टा, साबुन जैसा या बहुत रबड़ जैसा लगे, तो यह मिलावटी हो सकता है।
गर्म पानी में पनीर डालें। अगर पानी में झाग निकले या पनीर घुलने लगे, तो उसमें स्टार्च या बाकी मिलावट हो सकती है। असली पनीर ऐसे पानी में बिना बदलाव के तैरता रहता है। सेहत से समझौता न करें। इन आसान तरीकों से आप पनीर की शुद्धता को परख सकते हैं और मिलावटी चीजों से खुद को और परिवार को सुरक्षित रख सकते हैं।
