- डीएम ने नगर निगम को भेजा पत्र, कार्रवाई और अनुपालन आख्या तलब
- गोविंद नगर ब्लॉक-8 के सार्वजनिक पार्क में कथित अवैध अतिक्रमण और निर्माण पर जिला प्रशासन सख्त
कानपुर नगर, गोविंद नगर ब्लॉक-8 स्थित सार्वजनिक पार्क की भूमि पर कथित अवैध अतिक्रमण एवं निर्माण का मामला अब जिला प्रशासन के स्तर पर और गंभीर हो गया है। जिलाधिकारी कानपुर नगर की ओर से नगर निगम प्रशासन को पत्र भेजकर माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में आवश्यक कार्रवाई करने तथा की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए गए हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय से जारी पत्र में गोविंद नगर ब्लॉक-8 स्थित सार्वजनिक पार्क की भूमि पर कथित अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण के संबंध में की गई शिकायत का उल्लेख करते हुए कहा गया है कि प्रकरण माननीय इलाहाबाद उच्च न्यायालय में जनहित याचिका संख्या 1023/2026 तथा संबंधित अवमानना याचिका (सिविल) संख्या 4779/2026 से भी जुड़ा हुआ है।
पत्र के अनुसार, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा 22 अप्रैल 2026 को दिए गए आदेश के अनुपालन के संबंध में शासन एवं विभिन्न स्तरों से लगातार पत्राचार और निर्देश जारी किए गए। जिलाधिकारी कार्यालय ने नगर निगम को निर्देशित किया है कि सार्वजनिक पार्क की भूमि पर हुए कथित अवैध अतिक्रमण एवं निर्माण के संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए उच्च न्यायालय के आदेशों का अनुपालन सुनिश्चित किया जाए।
अब नगर निगम की कार्रवाई पर टिकी निगाहें
यह पत्र पार्क प्रकरण में इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि लंबे समय से सार्वजनिक भूमि पर कथित कब्जे और निर्माण को लेकर शिकायतें की जा रही हैं। प्रकरण में पहले से ही न्यायालयीय आदेश मौजूद होने के बावजूद पार्क को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने की कार्रवाई को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं।
जिलाधिकारी कार्यालय के पत्र में नगर निगम को कार्रवाई करने के साथ-साथ की गई कार्रवाई की नवीनतम आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए हैं। इससे स्पष्ट है कि जिला प्रशासन अब इस मामले में केवल सामान्य शिकायत निस्तारण तक सीमित रहने के बजाय न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन की स्थिति जानना चाहता है। कानपुर नगर प्रशासन की आधिकारिक वेबसाइट पर भी जिलाधिकारी कार्यालय को जनशिकायतों एवं प्रशासनिक कार्रवाई से संबंधित प्रमुख प्राधिकरण के रूप में दर्शाया गया है।
पार्क की जमीन पर कब्जे का आरोप, कार्रवाई की मांग तेज
गोविंद नगर क्षेत्र में यह मामला लंबे समय से चर्चा का विषय बना हुआ है। शिकायतकर्ता की ओर से लगातार यह मुद्दा उठाया जाता रहा है कि सार्वजनिक पार्क की भूमि को किसी भी प्रकार के अतिक्रमण अथवा अनधिकृत निर्माण से मुक्त कराया जाना चाहिए और उसे उसके मूल सार्वजनिक उपयोग के लिए संरक्षित रखा जाना चाहिए। जिला प्रशासन के ताजा पत्र के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर निगम पार्क की भूमि की वास्तविक स्थिति का परीक्षण कर कब तक प्रभावी कार्रवाई करता है और माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों के अनुपालन में क्या कदम उठाए जाते हैं।
प्रकाश वीर आर्य ने कहा कि जिलाधिकारी कार्यालय का पत्र इस बात का महत्वपूर्ण प्रमाण है कि ब्लॉक-8 पार्क का मामला केवल एक सामान्य शिकायत नहीं, बल्कि न्यायालयीय आदेशों के अनुपालन और सार्वजनिक
संपत्ति के संरक्षण से जुड़ा गंभीर विषय है। अब संबंधित विभागों को बिना किसी बहाने के पार्क को अतिक्रमणमुक्त कर उसकी मूल स्थिति बहाल करनी होगी। जिलाधिकारी कार्यालय के हस्तक्षेप के बाद गोविंद नगर ब्लॉक-8 पार्क प्रकरण में प्रशासनिक कार्रवाई की उम्मीदें बढ़ गई हैं। अब नगर निगम और संबंधित विभागों द्वारा भेजी जाने वाली अनुपालन आख्या तथा वास्तविक धरातलीय कार्रवाई पर क्षेत्रवासियों की निगाहें टिकी हैं।
