अभिभावक नाबालिग बच्चों को न दें वाहन, गंगा बैराज पर स्टंटबाजों पर होगी कार्रवाई : DM

कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में सरसैया घाट स्थित नवीन सभागार में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए विभिन्न विभागों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की नहीं बल्कि समाज की भी सामूहिक जिम्मेदारी है और जनजागरूकता के बिना दुर्घटनाओं में कमी लाना संभव नहीं है।
जिलाधिकारी ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी स्थिति में वाहन न चलाने दें। उन्होंने बताया कि इस वर्ष अब तक 12 ऐसे चालान किए जा चुके हैं जिनमें नाबालिग बच्चे वाहन चलाते हुए पाए गए। साथ ही गंगा बैराज क्षेत्र में स्टंट करने वाले बाइक सवारों के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए।
बैठक में सर्वाधिक दुर्घटना वाले स्थलों पर पांच मिनट के भीतर एंबुलेंस पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करने, ऐसे मार्गों पर स्थित राजकीय चिकित्सालयों की आकस्मिक चिकित्सा सेवाओं को सुदृढ़ करने तथा बड़ी सड़क दुर्घटनाओं से निपटने के लिए जनपद स्तरीय आकस्मिक मेडिकल एक्शन प्लान तैयार करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में रोड सेफ्टी क्लब स्थापित कर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने पर भी जोर दिया।
स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि प्रधानमंत्री राहत जन आरोग्य योजना के अंतर्गत जनपद के नौ अस्पताल चिन्हित हैं, जिनमें वेदांता हॉस्पिटल, डेल्टा हॉस्पिटल, आशिर्य हॉस्पिटल, चांदनी हॉस्पिटल, उजाला सिग्नस कुलवंती हॉस्पिटल, नारायणा हॉस्पिटल, रामादेवी मेडिकल सेंटर प्राइवेट लिमिटेड, रामा हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर तथा रामा हॉस्पिटल शामिल हैं। ये सभी अस्पताल हाईवे के निकट स्थित हैं। दुर्घटना की स्थिति में पात्र घायलों का डेढ़ लाख रुपये तक उपचार निःशुल्क किया जा सकता है।
जिलाधिकारी ने राहवीर योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश देते हुए कहा कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने से उसकी जान बचने की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने बताया कि राहवीर योजना के अंतर्गत घायल व्यक्ति को अस्पताल पहुंचाने वाले नागरिक को 25 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है तथा पुलिस द्वारा उससे अनावश्यक पूछताछ भी नहीं की जाती।
बैठक में अप्रैल 2026 के प्रवर्तन कार्यों की समीक्षा भी की गई। यातायात पुलिस द्वारा बिना हेल्मेट वाहन चलाने पर 24,885, बिना सीट बेल्ट 572, रेड लाइट जंपिंग के 493, शराब पीकर वाहन चलाने के 90 तथा वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का प्रयोग करने के 175 मामलों में कार्रवाई की गई। वहीं परिवहन विभाग द्वारा 38 ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित किए गए, जिनमें 31 ओवरलोडिंग, चार वाहन चलाते समय मोबाइल फोन के प्रयोग तथा तीन शराब पीकर वाहन चलाने से संबंधित थे।
बैठक में एडीएम वित्त एवं राजस्व डॉ. विवेक चतुर्वेदी, अधिशासी अभियंता पीडब्ल्यूडी अखंडेश्वर, एआरटीओ आलोक कुमार सिंह, बीएसए सुरजीत कुमार सिंह सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
Bengal से रोजाना 5 से 10 हजार घुसपैठिये वापस Bangladesh जा रहे, Holding Centers की संख्या भी तेजी से बढ़ी  | उत्तर प्रदेश में बिजली की कीमतें बढ़ीं, जून से बिल में 10% की बढ़ोतरी होगी | Karnataka में खत्म हुआ CM पद का सस्पेंस, DK Shivakumar पर Congress ने लगाई अंतिम मुहर, 3 जून को ले सकते हैं शपथ | West Bengal BJP अध्यक्ष का दावा: TMC के कई MLA-MP आना चाहते हैं, पर अभी 'दरवाजा बंद'
Advertisement ×