पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत पंजीकरण एवं निरीक्षण प्रकरणों की समीक्षा बैठक सम्पन्न

  • जिलाधिकारी ने नियमों के अनुपालन, त्वरित निस्तारण एवं सूचना बोर्ड लगाने के दिए निर्देश
कानपुर। जिलाधिकारी जितेन्द्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में गर्भधारण एवं प्रसव पूर्व निदान तकनीक (लिंग चयन प्रतिषेध) अधिनियम, 1994 के अंतर्गत समुचित प्राधिकारी पीसीपीएनडीटी की बैठक सम्पन्न हुई। बैठक में अधिनियम के अंतर्गत नामित सदस्यों की उपस्थिति रही।
बैठक में पंजीकरण, नवीनीकरण, स्थल परिवर्तन, चिकित्सक एवं मशीन जोड़े जाने से संबंधित प्राप्त प्रार्थना पत्रों का जिलाधिकारी द्वारा अवलोकन किया गया। नामित मजिस्ट्रेट तथा संबंधित चिकित्सकों की संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर प्रकरणवार विचार-विमर्श करते हुए विभिन्न आवेदनों में संस्तुति प्रदान की गई एवं कुछ प्रकरणों में नोटिस निर्गत किए जाने की कार्रवाई की गई।
बैठक में नवीन पंजीकरण के कुल 12 आवेदन प्रस्तुत किए गए, जिनमें से 8 को संस्तुति प्रदान की गई। नवीनीकरण के लिए प्राप्त 14 आवेदनों में से 11 को स्वीकृति दी गई तथा 3 पर नोटिस जारी किए गए। स्थल परिवर्तन के 2 आवेदनों में से 1 को संस्तुत किया गया। चिकित्सक जोड़े जाने हेतु प्राप्त 2 आवेदनों को अनुमोदन प्रदान किया गया, जबकि मशीन जोड़े जाने के 6 में से सभी 6 आवेदनों को स्वीकृति दी गई।
जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी को निर्देशित किया कि विगत तीन वर्षों में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के अंतर्गत नियमों के उल्लंघन के मामलों में कितने चिकित्सा संस्थानों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है, इसकी विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
उन्होंने यह भी निर्देशित किया कि अधिनियम के अंतर्गत लाइसेंस प्राप्त प्रत्येक केंद्र में उन चिकित्सकों की सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए, जिनके नाम पर लाइसेंस निर्गत किया गया है। यह सुनिश्चित किया जाए कि पंजीकृत मशीनों का संचालन केवल उन्हीं अधिकृत चिकित्सकों द्वारा किया जाए।
जिलाधिकारी ने यह भी कहा कि अधिनियम के अंतर्गत प्राप्त प्रत्येक आवेदन का निस्तारण निर्धारित 70 दिवस की समयसीमा के भीतर किया जाए। साथ ही, प्रत्येक माह के दूसरे बुधवार को पीसीपीएनडीटी समिति की बैठक नियमित रूप से आयोजित की जाए, जिसमें लंबित प्रकरणों पर विचार किया जाए।
इसके अतिरिक्त, उन्होंने यह निर्देश भी दिए कि अधिनियम के अंतर्गत पंजीकृत सभी चिकित्सा संस्थानों में दो बाई दो फीट आकार का एक स्पष्ट सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाया जाए, जिस पर यह संदेश अंकित हो कि यहां लिंग निर्धारण नहीं किया जाता है। साथ ही, लिंग निर्धारण से संबंधित शिकायत हेतु निर्धारित हेल्पलाइन नंबर भी स्पष्ट रूप से प्रदर्शित किया जाए।
बैठक में मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, सलाहकार समिति के सदस्य आर.के. सफ्फड़, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी एवं नोडल अधिकारी पीसीपीएनडीटी सहित अन्य सम्मानित सदस्यगण उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
5 करोड़ रुपये नहीं चुकाने पर राजपाल यादव को SC से कड़ी फटकार, कल तक पेमेंट करने का सख्त आदेश ......... Aaditya Thackeray के देश छोड़ने की आशंका, Nitesh Rane ने पासपोर्ट जब्ती की मांग की | Flydubai की तरह ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट में इमरजेंसी कोड 7700 जारी, लंदन से शिकागो जा रहा था विमान ................ बंगाल में UCC लागू करने के Suvendu Adhikari के वादे का VHP ने किया स्वागत |      पंजाब में पिछले 48 घंटे में सोशल इंफ्लूएंसर समेत 4 की हत्या पर BJP ने उठाए सवाल, कहा- प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह खत्म .... Mayawati ने Akash Anand को फिर सौंपी BSP के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी | दिल्‍ली के कई बड़े स्‍कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलते ही एक्‍शन में आई पुलिस; मौके पर पहुंची डॉग स्क्वायड की टीम ........ Delhi Police ने लखनऊ में पकड़ी हेरोइन फैक्ट्री, चार तस्कर अरेस्ट
Advertisement ×