मुख्यमंत्री ने 411 करोड़ रु0 से अधिक लागत की 48 विकास परियोजनाओं का किया लोकार्पण

  • दीपावली पर उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों  को पुनः एक-एक निःशुल्क गैस सिलेंडर कराया जाएगा उपलब्ध
 लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में डबल इंजन सरकार विरासत के सम्मान, विकास और गरीब कल्याण के संकल्प के साथ कार्य कर रही है। अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मन्दिर का निर्माण, काशी विश्वनाथ धाम का पुनर्विकास, माँ विन्ध्यवासिनी धाम का सुन्दरीकरण, मथुरा-वृन्दावन का विकास, चित्रकूट धाम का पुनरुद्धार और प्रयागराज में दिव्य-भव्य महाकुम्भ का आयोजन इसी संकल्प के उदाहरण हैं। अब बिठूर की ऐतिहासिक और आध्यात्मिक विरासत को भी नया स्वरूप दिया जा रहा है। यहां घाटों का निर्माण एवं पुनरुद्धार, महर्षि वाल्मीकि आश्रम का सुन्दरीकरण, ब्रह्मावर्त घाट का विकास तथा स्वतंत्रता संग्राम के महानायकों से जुड़े स्मारकों के विकास हेतु कार्य किए जा रहे हैं।
मुख्यमंत्री जी आज कानपुर नगर में बिल्हौर और बिठूर विधानसभा क्षेत्रों की 411 करोड़ रुपये से अधिक लागत की 48 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास करने के पश्चात आयोजित कार्यक्रम में अपने विचार व्यक्त कर रहे थे। इस अवसर पर मुख्यमंत्री जी ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियां को प्रमाण पत्र आदि प्रदान किये तथा विभिन्न विभागों द्वारा लगायी गयी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। इसके पूर्व, मुख्यमंत्री जी ने महर्षि वाल्मीकि तथा नाना साहब की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित किये। मुख्यमंत्री जी वाल्मीकि रामायण पाठ में सम्मिलित हुए तथा सीता कुटिया व प्राचीन शिव मन्दिर में दर्शन-पूजन किया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि की तपोभूमि बिठूर आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की अमूल्य धरोहर है। यह वही पवित्र धरती है, जहां महर्षि वाल्मीकि ने रामायण की रचना की, माता सीता को आश्रय मिला तथा लव-कुश का बाल्यकाल व्यतीत हुआ। इस भूमि ने 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में नाना साहब पेशवा, तात्या टोपे और अन्य क्रान्तिकारियों के शौर्य एवं बलिदान को देखा है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि गत वर्ष इस पावन तिथि पर अवकाश घोषित करने के साथ प्रदेश के देव मन्दिरों में अखण्ड रामायण पाठ की जो श्रृंखला प्रारम्भ की गई थी, वह आज प्रदेश भर के हजारों मठ-मन्दिरों में श्रद्धा और आस्था के साथ आयोजित की जा रही है। महर्षि वाल्मीकि ने दुनिया के प्रथम महाकाव्य रामायण की रचना कर भगवान श्रीराम के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाया। रामायण केवल एक ग्रन्थ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला, पारिवारिक दायित्व, भाईचारे, पति-पत्नी के धर्म और राजा के प्रजापालन के कर्तव्य का मार्गदर्शन करने वाला महाकाव्य है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महर्षि वाल्मीकि के जीवन से हमें यह शिक्षा मिलती है कि मनुष्य अपने कर्मों से महान बनता है। रत्नाकर से महर्षि वाल्मीकि तक की यात्रा पश्चाताप, साधना और आत्मपरिवर्तन की अद्भुत गाथा है। उनका जीवन प्रमाणित करता है कि दृढ़ संकल्प के बल पर कोई भी व्यक्ति अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ सकता है। भगवान श्रीराम के आदर्शों को देश और दुनिया तक पहुंचाने में महर्षि वाल्मीकि की रामायण की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। आज भी राम का नाम आते ही प्रत्येक भारतीय का सिर श्रद्धा से झुक जाता है। महर्षि वाल्मीकि ने रामायण के माध्यम से समाज को भगवान श्रीराम से जोड़ने का महान कार्य किया।
बिठूर की महत्ता केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि ऐतिहासिक दृष्टि से भी अद्वितीय है। मान्यता है कि ब्रह्मा जी ने इसी पावन धरा से सृष्टि निर्माण का शुभारम्भ किया था। इसी भूमि ने महर्षि वाल्मीकि की तपस्या और ऋषियों की महान परम्परा को देखा है। अयोध्या की राजकुमारी माता सीता को आश्रय देकर इस धरती ने नारी सम्मान का आदर्श प्रस्तुत किया। जहां नारी की गरिमा का सम्मान होता है, वही भूमि तीर्थ बन जाती है।
इसी भूमि पर लव-कुश जैसे वीर बालकों ने अपने शौर्य और पराक्रम का परिचय दिया।
बिठूर का सम्बन्ध 1857 के प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम के महानायकों नाना साहब पेशवा और तात्या टोपे से भी है। इसी धरती पर झांसी की रानी लक्ष्मीबाई ने अपने बचपन में घुड़सवारी और तलवारबाजी का अभ्यास किया था। आगे चलकर उन्होंने अंग्रेजों को चुनौती देते हुए अपनी झांसी न देने का संकल्प व्यक्त किया। बिठूर की यह भूमि भारतीय स्वाधीनता संग्राम की प्रेरणादायी स्मृतियों को संजोए हुए है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि कानपुर में मेट्रो रेल की सुविधा उपलब्ध हो चुकी है। कानपुर के नागरिकों और जनप्रतिनिधियों की मांग पर हवाई अड्डे की सुविधा को आगे बढ़ाया गया है। कानपुर को लखनऊ से जोड़ने के लिए नए एक्सप्रेस-वे की सुविधा उपलब्ध हुई है। गंगा नदी पर ट्रांस गंगा क्षेत्र में नए पुल के निर्माण को स्वीकृति देकर कार्य आगे बढ़ाया गया है। कानपुर बाईपास का निर्माण हो रहा है। बिठूर में घाटों के निर्माण और पुनरुद्धार के साथ महर्षि वाल्मीकि आश्रम का विकास किया गया है। जिस मन्दिर में महर्षि वाल्मीकि ने साधना की और रामायण की रचना प्रारम्भ की, वह पहले जर्जर अवस्था में था। अब मन्दिर और आश्रम को भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिठूर एवं बिल्हौर विधानसभा क्षेत्रों में विकास कार्यों को नई गति दी जा रही है। रामायण सर्किट के माध्यम से बिठूर की पहचान को विस्तार मिल रहा है। यहां घाटों, होमस्टे और हस्तशिल्प को नई पहचान देने के प्रयास किए जा रहे हैं। विकास परियोजनाओं के माध्यम से क्षेत्र में आधारभूत सुविधाएं मजबूत होंगी तथा पर्यटन, उद्योग और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। बिठूर की ऐतिहासिक पहचान को पुनर्स्थापित करने के लिए बिठूर महोत्सव प्रारम्भ किया गया है। इसके माध्यम से इस पावन भूमि की धार्मिक, सांस्कृतिक और क्रान्तिकारी विरासत को व्यापक पहचान मिल रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि डबल इंजन सरकार अपनी विरासत पर गौरव की अनुभूति करती है और भारतभूमि, सनातन धर्म तथा महापुरुषों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करना अपना दायित्व मानती है। महर्षि वाल्मीकि के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने के लिए अयोध्या में उनके मन्दिर का निर्माण कराया गया। अयोध्या के अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का नाम महर्षि वाल्मीकि के नाम पर रखा गया। अयोध्या में सन्त तुलसीदास जी का मन्दिर भी बनाया गया है, जिन्होंने मध्यकाल में श्री रामलीला के माध्यम से रामायण को घर-घर तक पहुंचाया। अयोध्या में शबरी माता का मन्दिर भी है। भगवान श्रीराम के वनवास के समय उनके मित्र बने निषादराज के सम्मान में प्रयागराज के श्रृंगवेरपुर में भगवान श्रीराम और निषादराज की 56 फुट ऊंची गले मिलती प्रतिमा स्थापित की गई है, जिसे प्रयागराज के संगम क्षेत्र से भी देखा जा सकता है। यह प्रतिमा भगवान श्रीराम और निषादराज की मित्रता का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि महापुरुषों और ऐतिहासिक विरासत के सम्मान का कार्य लगातार आगे बढ़ाया जा रहा है। भदोही का नाम सन्त रविदास नगर भदोही किया गया। कन्नौज के मेडिकल कॉलेज का नाम पुनः बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर के नाम पर किया गया। लखनऊ स्थित भाषा विश्वविद्यालय का नाम मान्यवर कांशीराम जी के नाम पर रखा गया। इन निर्णयों के माध्यम से सन्त रविदास, बाबा साहब आम्बेडकर और अन्य महापुरुषों के प्रति सम्मान व्यक्त किया गया है।
प्रदेश में बाबा साहब डॉ0 भीमराव आम्बेडकर, सद्गुरु रविदास जी महाराज और भगवान महर्षि वाल्मीकि से जुड़े स्थलों का विकास किया जा रहा है। ऐसे लगभग 4,000 स्थलों पर बाउण्ड्रीवाल, छत की व्यवस्था, सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध तथा सुंदरीकरण के कार्य प्रारम्भ किए जाने की योजना है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में बाबा साहब आम्बेडकर से जुड़े पंचतीर्थों का विकास हुआ है। उन्होंने संविधान की प्रति को अपने सिर पर रखकर नए संसद भवन में स्थापित किया और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश दिया।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि विरासत का सम्मान केवल स्मारकों और मन्दिरों के निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि महापुरुषों के विचारों को जीवन में उतारना भी आवश्यक है। प्रदेश सरकार समता, न्याय और मानवता के आदर्शों को आगे बढ़ाते हुए समाज के शोषित, वंचित और पिछड़े वर्गों के उत्थान के लिए कार्य कर रही है। शिक्षा, रोजगार, सुरक्षा और जनकल्याण की योजनाओं का लाभ समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
वर्तमान भारत में सांस्कृतिक गौरव और राष्ट्रीय स्वाभिमान को नई पहचान मिली है। महर्षि वाल्मीकि ने प्राचीन काल में रामायण की रचना कर भारत को भगवान श्रीराम से जोड़ा, मध्यकाल में गोस्वामी तुलसीदास ने रामायण की कथा को घर-घर तक पहुंचाया और वर्तमान समय में प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अयोध्या में श्रीरामलला की प्राण प्रतिष्ठा ने देशवासियों की आस्था को नया गौरव प्रदान किया।
प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में अयोध्या का व्यापक विकास हुआ है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम का भव्य मन्दिर निर्मित हो चुका है। अन्तरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बन चुका है। वर्ष 2017 से पूर्व अयोध्या में सड़क, बिजली और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं थी। वर्तमान सरकार ने अयोध्या के विकास की कार्ययोजना बनाई, इसके परिणामस्वरूप आज अयोध्या भव्य और दिव्य स्वरूप में विकसित हो रही है।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पहले काशी विश्वनाथ धाम में श्रद्धालु सीमित संख्या में दर्शन कर पाते थे, जबकि अब लगभग 20,000 श्रद्धालुओं के एक साथ दर्शन की सुविधा उपलब्ध है। काशी का कायाकल्प हुआ है। अयोध्या, मथुरा-वृन्दावन, चित्रकूट, माँ विन्ध्यवासिनी धाम, शुकतीर्थ और सारनाथ सहित प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है। प्रयागराज में महाकुम्भ के माध्यम से प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत और व्यवस्थागत क्षमता का परिचय दुनिया ने देखा है। बदलता प्रयाग और विकसित होता कानपुर परिवर्तन के उदाहरण हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा प्रदेश में महापुरुषों के नाम और सम्मान से जुड़े कई निर्णय बदले गए थे। वर्ष 2012 में भदोही के सन्त रविदास नगर नाम को परिवर्तित किया गया, कन्नौज मेडिकल कॉलेज से बाबा साहब आम्बेडकर का नाम हटाया गया। लखनऊ के भाषा विश्वविद्यालय का नाम भी बदल दिया गया था। वर्तमान सरकार ने इन महापुरुषों के सम्मान को पुनः स्थापित किया है। सरकार का उद्देश्य है कि आने वाली पीढ़ियां अपने महापुरुषों, स्वतन्त्रता संग्राम सेनानियों और सांस्कृतिक विरासत के बारे में जानें तथा उनसे प्रेरणा प्राप्त करें।
वीरांगना ऊदा देवी पासी के नाम पर लखनऊ, वीरांगना अवन्तीबाई लोधी के नाम पर बदायूं तथा गोरखपुर में वीरांगना झलकारी बाई कोरी के नाम पर पी0ए0सी0 की नई बटालियन का गठन किया गया है। लखनऊ में महाराजा बिजली पासी का भव्य स्मारक बनाया जा रहा है। उनके किले को नया स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। जिन ऐतिहासिक स्थलों पर पहले कब्जे हो गए थे, उन्हें कब्जामुक्त कराकर उनका विकास किया जा रहा है। झांसी के किले में लाइट एण्ड साउण्ड कार्यक्रम के माध्यम से वीरांगना महारानी लक्ष्मीबाई के शौर्य, पराक्रम और 1857 के प्रथम स्वतंत्रता संग्राम की गौरवगाथा नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
गरीबों और वंचितों के अधिकारों की रक्षा तथा कानून का शासन सुनिश्चित करना प्रदेश सरकार की प्राथमिकता है। वर्ष 2017 से पूर्व प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति अत्यन्त खराब थी। अब प्रदेश की कानून-व्यवस्था सुदृढ़ हुई है। आज विजयादशमी सहित विभिन्न पर्व-त्योहार शान्तिपूर्ण ढंग से सम्पन्न हो रहे हैं। गांवों, शहरों, वार्डों और घरों में उत्साह तथा उल्लास का वातावरण है। भयमुक्त और तनावमुक्त वातावरण में सभी वर्गों के लोग त्योहारों में भागीदारी कर रहे हैं। यही रामराज्य की भावना है, जिसमें बिना भेदभाव के सभी को योजनाओं का लाभ मिले और प्रत्येक नागरिक सम्मान तथा सुरक्षा के साथ जीवन जी सके।
डबल इंजन सरकार ने विकास के साथ-साथ गरीबों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं संचालित की हैं। प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना के अन्तर्गत प्रदेश में लगभग 16 करोड़ लोगों को निःशुल्क राशन मिल रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना के अन्तर्गत प्रदेश में लगभग 65 लाख गरीब परिवारों को आवास उपलब्ध कराए गए हैं। आयुष्मान भारत योजना के अन्तर्गत लगभग 10 करोड़ लोगों को स्वास्थ्य सुरक्षा का लाभ मिला है। उज्ज्वला योजना के अन्तर्गत प्रदेश में लगभग दो करोड़ लाभार्थियों को रसोई गैस कनेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।
मुख्यमंत्री जी ने कहा कि दीपावली के अवसर पर उज्ज्वला योजना के पात्र लाभार्थियों को फिर से एक-एक निःशुल्क गैस सिलेंडर उपलब्ध कराया जाएगा। प्रदेश में पूर्वदशम और दशमोत्तर छात्रवृत्ति योजनाओं के माध्यम से लगभग 67 लाख विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की सुविधा दी जा रही है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अन्तर्गत पांच लाख से अधिक बेटियों का विवाह सम्पन्न कराया गया है। बेटी की शादी के लिए योजना के अन्तर्गत एक लाख रुपये की सहायता दी जा रही है।
खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री श्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदेश सरकार मुख्यमंत्री जी के नेतृत्व में बिना भेदभाव के 25 करोड़ प्रदेशवासियों की सेवा कर रही है। शिक्षा, रोजगार और अन्य क्षेत्रों में समाज के अन्तिम पायदान पर खड़े व्यक्ति को सहायता देने का प्रयास किया जा रहा है। महर्षि वाल्मीकि का जीवन हमें कर्म, पश्चाताप, साधना और आत्मपरिवर्तन की प्रेरणा प्रदान करता है।
इस अवसर पर महिला कल्याण राज्य मंत्री प्रतिभा शुक्ला, सांसद रमेश अवस्थी, विधान परिषद सदस्य अरुण पाठक, अविनाश सिंह चौहान, मानवेन्द्र सिंह, कानपुर नगर की महापौर प्रमिला पाण्डेय, विधायक  अभिजीत सिंह सांगा, मोहित सोनकर, नीलिमा कटियार, महेश त्रिवेदी सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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