भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव – एक राज़ की बात बतलाता हूं

लेखक चिंतक कवि किशन सनमुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
एक राज़ की बात बतलाता हूं
डिजिटल युग का मैं भी पालन करता हूं
बड़े प्राइवेट स्कूल में फीस भरवाता हूं
भ्रष्टाचार की मलाई डिजिटली खाता हूं
टेबल नीचे कैश लेना बंद किया हूं
काम बदले कहीं पेड करवाने आइडिया लाया हूं
एजेंसियों के डर से सेफ़ रास्ता अपनाया हूं
भ्रष्टाचार की मलाई डिजिटली ही खाता हूं
वर्ष में दो बार फैमिली टूर पर जाता हूं
लग्जरी शेड्यूल का लाखों उनसे भरवाता हूं
कैश बिल्कुल नहीं लेता हूं
भ्रष्टाचार की मलाई डिजिटली खाता हूं
प्लाट फ्लैट जमीन ममेरे भाई नाम करवाता हूं
फाइल देखकर रेट कोट करवाता हूं
डायरेक्ट नहीं बॉटम लेवल से काम करवाता हूं
भ्रष्टाचार की मलाई डिजिटली खाता हूं
बॉटम लेवल को अपनी फीस लेने बतलाता हूं
कैश नहीं कोई फायदा उठाने समझाता हूं
कोई पकड़ेगा नहीं चोरचोर मौसेरेभाई बतलाता हूं
भ्रष्टाचार की मलाई डिजिटली खाता हूं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
बात नहीं बनी तो फिर से बमबारी शुरू कर देंगे, ईरान सीजफायर पर G7 से ट्रंप की नई धमकी | संजय राउत ने बागी सांसदों को दी गाली, बवाल होने पर कहा- 'मराठी में चलता है, जिसे जो भाषा समझ आती है...',संजय निरुपम ने किया पलटवार | 'ईरान समझौते के दौरान समुद्र में भारतीय नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित हो', PM मोदी ने ट्रंप के सामने उठाया मुद्दा | 2027 में सैफई तक सिमट जाएगा सपा का प्रभाव’, डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य के दावों से चढ़ा सियासी पारा, कहा- 25-26 सांसद टूटने को तैयार
Advertisement ×