भावनानी के व्यंग्यात्मक भाव – कर्मचारी ऑफिस टाइम में निजी काम करतेहैं

लेखक – कर विशेषज्ञ स्तंभकार साहित्यकार कानूनी लेखक चिंतक कवि एडवोकेट किशन समुख़दास भावनानी गोंदिया महाराष्ट्र
कर्मचारी ऑफिस ड्रेस कोड में मार्केट में दिखते हैं
शासकीय नहीं अपना निजी काम करते हैं
शादी ब्याह सामान या किराना खरीदते हैं
कर्मचारी ऑफिस टाइम में नहीं काम करते हैं
ऑफिस में पूछने पर दौरे पर गए बताते हैं
बड़े साहब से पूछो तो ग्राउंड रिपोर्टिंगगए बतातेहैं
कोई नहीं बताता सब मिलीभगत चलाते हैं
कर्मचारी ऑफिस टाइम में निजी काम करते हैं
जनता की सुरक्षा जिनका काम है वेभी करतेहैं
ड्रेस कोड में किराना लेते देखते हैं
इस बीच घटी घटना अनदेखी करते हैं
कर्मचारी ऑफिस टाइम में निजी काम करते हैं
शासकीय टाइममें निजीकरते मलाईकार्रवाई करतेहैं
काम गैरकानूनी पर हम कानूनवालों से डरते हैं
जनता से पालन खुद अपालन करते हैं
कर्मचारी ऑफिस टाइम में नहीं काम करते हैं
मंत्रालय से सख़्त पालन की विनंती हम करते हैं
निजी काम में देखें तो सप्ताह का वेतन कटेते हैं
फ़िर डिसिप्लिनको धरातल पर लेते है
कर्मचारी ऑफिस टाइम में निजी काम करतेहैं

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
शिवराज सिंह चौहान की अपील- कृषि अधिकारी एक साल तक ना खरीदें सोना, PM Modi के आह्वान पर लिया संकल्प  | Tamil Nadu में TVK सरकार पर Udhayanidhi Stalin का बड़ा हमला, बोले- जल्द सामने आएगा असली चेहरा | Kerala में CM Satheesan का आते ही Action: महिलाओं को Free Bus, आशा वर्कर्स को ₹3000 की सौगात | 'प्यार से नहीं माने तो दूसरा तरीका अपनाएंगे...', सड़कों पर Namaz को लेकर CM Yogi का 'Shift System' प्लान
Advertisement ×