सीएमओ कार्यालय का घेराव कर किया प्रदर्शन

कानपुर नगर, दिव्यांग बोर्ड के भ्रष्टाचार के खिलाफ राष्ट्रीय विकलांक पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव वीरेन्द्र कुमार के नेतृत्व में सैकडो दित्यांगजनों ने सीएमओ कार्यालय, काशीराम अस्पताल में प्रदर्शन करते हुए धरना दिया साथ ही यह भी आरोप लगाया कि दिवयांग बोर्ड एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चला रहा है। इस दौरान भ्रष्टाचार के खिलाफ उचच सतरीय जांच की मांग की गयी।
प्रदर्शन के दौरान महासिचव वीरेन्द्र कुमार ने बताया कि दिव्यांग बोर्ड में भ्रष्टाचार के कारण प्रमाण पत्र व आवेदन के रिकाॅर्ड गायब कर दिये जाते है। चेयरमैन अमित कुमार कनौजिया का भ्रष्टाचारियों को संरक्षण प्राप्त है, इसलिय शिकायतों पर काई कार्यवाही नही की जाती है। कहा जब यूउीआईउी कार्ड के लिए दिरूांगों ने आवेदन किया तो उन्हे बताया गया कि दिव्यांगता प्रमाणपत्र के रिकार्ड नही है यही नही नये बने दिव्यांग प्रमाण के मूल आवेदन भी गायब होने की शिकायते आ रही है। मांग करते हुए कहा कि रिकाॅर्ड गायब होने की उच्च स्तरीय जांच करवाकर दोषियों के विरूद्ध कार्यवाही की जाये। कहा कि यदि ही हाल रहा और उनके द्वारा आज दिये गये शिकायती ज्ञापन पर कोई कार्यवाही नही की गयी तो आगे आन्दोलन और भी उग्र रूप से किया जायेगा। प्रदर्शन में अरविन्द सिंह, अल्पना कुमारी, राहुल कुमार, आनन्द तिवारी, ्रपमोदी मिश्रा, गुडडी दीक्षित, गौरव कुमार, दिलीप कुमार, सलमान खान, प्रताप चन्द्र भाटिया सहित सैकडों की संख्या में दिव्यांगजन उपस्थित रहे।
एक चतुर्थश्रेणी कर्मी पर भ्रष्टाचार का आरोप ब्तादें कि विशिष्ट दिवयांगता पहचानपत्र यानी यूडीआईडी बनाने की व्यवस्था के लिए दिव्यांग प्रमाणपत्रों का सत्यापन कराया जाता है, इसके लिए आॅलाइन आवेदन करने के बाद रामादेवी के कांशीराम अस्पताल परिसर स्थित सीएमओं कार्यालय के दिव्यांग बोर्ड के समक्ष सत्यापन के बाद यूडीआईडी आवेदन अप्रूव किया जाता है। विकलांग एसो0 के महासचिव वीरेन्द्र का यही आरोप है कि यहां कार्यरत चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी चंदन दिव्यांगों से पैसे की मांग करता है और पैसा न देने पर काम नही करता, दिव्यांगों के रिकार्ड तक गायब हो जाते है।

दिव्यांगों के रिकार्ड सुरक्षित जहां एक ओर विकलांग पार्टी द्वारा दिव्यांग बोर्ड पर रिकार्ड गायब करने का आरोप लगाया जा रहा है वहीं कुछ समय परहल ही दिव्यांग बोर्ड के अध्यक्ष डा0 एके कनौजिया ने बताया था कि दिव्यांग प्रमाणपत्र जारी करने के उपरान्त रजिस्टर में अंकित किया जाता है। पहले यह बोर्ड उर्सला अस्पताल में बैठता था लेकिन 2017 से कांशीराम में पूरी व्यवस्था होने के बाद अब सारे कार्य यहां से होते है। ऐसे में उर्सला तथा कांशीराम अस्पताल दोनो ही स्थानों पर रिकार्ड सुरक्षित है और रिकार्ड का रजिस्टर भी तैयार कराया जा चुका है, जिसके आधार पर ही दिव्यांगों के प्रमाणपत्रों का मिलान कराया जाता है।

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