हम जानते हैं तब क्या होता था… बैलट पेपर से वोटिंग की कमियों का सुप्रीम कोर्ट ने किया जिक्र, अब 18 अप्रैल को अगली सुनवाई

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) पर डाले गए वोटों का वीवीपीएटी प्रणाली के माध्यम से उत्पन्न कागजी पर्चियों से सत्यापन की मांग करने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आज गुप्त मतदान पद्धति की समस्याओं की ओर इशारा किया। न्यायमूर्ति संजीव खन्ना ने याचिकाकर्ताओं में से एक एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स के वकील प्रशांत भूषण से कहा कि  60 के दशक में थे। हम सभी जानते हैं कि जब मतपत्र थे, तो क्या हुआ था, आप भी जानते होंगे, लेकिन हम नहीं भूले हैं। भूषण यह तर्क दे रहे थे कि अधिकांश यूरोपीय देश जिन्होंने ईवीएम के माध्यम से मतदान का विकल्प चुना था, वे कागजी मतपत्रों पर लौट आए हैं। 100 फीसदी मिलान वाली अर्जी पर अब 18 अप्रैल को सुनवाई होगी।

उन्होंने कहा कि हम कागजी मतपत्रों पर वापस जा सकते हैं। दूसरा विकल्प मतदाताओं को वीवीपैट पर्ची देना है। अन्यथा, पर्चियां मशीन में गिर जाती हैं और फिर पर्ची मतदाता को दी जा सकती है और इसे मतपेटी में डाला जा सकता है। फिर वीवीपीएटी का डिज़ाइन बदल दिया गया, इसे पारदर्शी ग्लास होना था, लेकिन इसे गहरे अपारदर्शी दर्पण ग्लास में बदल दिया गया, जहां यह केवल तब दिखाई देता है जब प्रकाश दूसरे सेकंड के लिए चालू होता है। जब भूषण ने जर्मनी का उदाहरण दिया तो न्यायमूर्ति दीपांकर दत्ता ने पूछा कि जर्मनी की जनसंख्या कितनी है। श्री भूषण ने उत्तर दिया कि यह लगभग 6 करोड़ है, जबकि भारत में 50-60 करोड़ मतदाता हैं।

सत्तानवे करोड़ पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या है। न्यायमूर्ति खन्ना ने कहा, हम सभी जानते हैं कि जब मतपत्र थे तो क्या हुआ था। जब याचिकाकर्ताओं में से एक के वकील, वरिष्ठ अधिवक्ता संजय हेगड़े ने कहा कि ईवीएम पर डाले गए वोटों का मिलान वीवीपैट पर्चियों से किया जाना चाहिए, तो न्यायमूर्ति खन्ना ने जवाब दिया हां, 60 करोड़ वीवीपैट पर्चियों की गिनती की जानी चाहिए। न्यायाधीश ने कहा कि मानवीय हस्तक्षेप समस्याओं को जन्म देता है और मानवीय कमजोरी हो सकती है, जिसमें पूर्वाग्रह भी शामिल हैं। मशीन आम तौर पर मानवीय हस्तक्षेप के बिना आपको सटीक परिणाम देगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
5 करोड़ रुपये नहीं चुकाने पर राजपाल यादव को SC से कड़ी फटकार, कल तक पेमेंट करने का सख्त आदेश ......... Aaditya Thackeray के देश छोड़ने की आशंका, Nitesh Rane ने पासपोर्ट जब्ती की मांग की | Flydubai की तरह ब्रिटिश एयरवेज की फ्लाइट में इमरजेंसी कोड 7700 जारी, लंदन से शिकागो जा रहा था विमान ................ बंगाल में UCC लागू करने के Suvendu Adhikari के वादे का VHP ने किया स्वागत |      पंजाब में पिछले 48 घंटे में सोशल इंफ्लूएंसर समेत 4 की हत्या पर BJP ने उठाए सवाल, कहा- प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह खत्म .... Mayawati ने Akash Anand को फिर सौंपी BSP के राष्ट्रीय संयोजक की जिम्मेदारी | दिल्‍ली के कई बड़े स्‍कूलों को बम से उड़ाने की धमकी, ईमेल मिलते ही एक्‍शन में आई पुलिस; मौके पर पहुंची डॉग स्क्वायड की टीम ........ Delhi Police ने लखनऊ में पकड़ी हेरोइन फैक्ट्री, चार तस्कर अरेस्ट
Advertisement ×