भारत Pakistan Border पर सारे खतरनाक हथियार लेकर पहुंच गया !

पाकिस्तान की सीमा के पास भारत कुछ अजीब और बड़ा खेल कर रहा है। भारत अपने सारे खतरनाक हथियार और सैनिक पाकिस्तान की सीमा पर तैनात कर रहा है। भारत ने 30 अक्टूबर से लेकर 10 नवंबर तक लगभग पूरी पश्चिमी सीमा यानी पाकिस्तानी सीमा पर नोटम जारी कर दिया है। नोटम यानी नोटिस टू एयरमैन एक ऐसा नोटिस है जो हवाई क्षेत्रों और हवाई मार्गों से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियों को दर्शाता है। इस नोटिस के माध्यम से एयर स्पेस बंद होने की जानकारी दी जाती है। अब करीब 12 दिनों के लिए भारत ने इस पूरे इलाके में नोटम जारी कर दिया है। आप देखिए कि यह नोटम कितने बड़े और व्यापक क्षेत्र में जारी किया गया है। मजे की बात देखिए कि नोटम के अलावा भारत ने अपने पश्चिमी तट पर एक दिलचस्प नेविगेशनल चेतावनी भी जारी कर दी है। यह नेविगेशनल चेतावनी 25 से 27 अक्टूबर तक पश्चिमी तट पर लागू रहेगी। इसमें बताया गया है कि भारत कर्नाटक में स्थित अपने कारवार नेवल बेस के पास एक ऑटोनॉमस सिस्टम का ट्रायल कर रहा है। यह ट्रायल भारत के किसी खतरनाक स्वदेशी हथियार का हो सकता है। लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि भारत क्या कर रहा है और क्यों कर रहा है? दरअसल भारत सरक के पास एक ट्राई सर्विस युद्ध अभ्यास एक्स त्रिशूल शुरू कर रहा है। यह युद्ध अभ्यास बेहद खतरनाक बताया जा रहा है और जिस सरक्रीक के पास यह हो रहा है वह बहुत महत्वपूर्ण है।

एक्स त्रिशूल नाम के इस युद्ध अभ्यास में भारतीय सेना, नौसेना और वायु सेना का जॉइंट ऑपरेशन होगा। इसके जरिए भारत की बढ़ती संयुक्त युद्ध क्षमता, आत्मनिर्भरता और इनोवेशन को दिखाया जाएगा। 11 से 12 दिनों तक इतने बड़े इलाके में भारत की तीनों सेनाओं के युद्ध अभ्यास से पाकिस्तान भी इतना डर गया है कि उसने भी 2 दिन के लिए नोटम जारी कर दिया है। पाकिस्तान को डर है कि कहीं गलती से उसके एयरक्राफ्ट्स या विमान इस इलाके में ना पहुंच जाएं। नहीं तो भारत के हथियार उन्हें आसमान में ही भून देंगे।  खुफिया जानकारी के अनुसार, भारत दक्षिणी क्षेत्रों बहावलपुर और रहीम यार खान से लेकर थार रेगिस्तान और सर क्रीक क्षेत्र तक—को चुन रहा है ताकि संयुक्त नौसेना-वायु-भूमि समन्वय का परीक्षण किया जा सके। सूत्रों के हवाले से पाकिस्तानी अधिकारियों को डर है कि इन अभ्यासों का इस्तेमाल कराची—पाकिस्तान के आर्थिक केंद्र से जुड़े समुद्री अवरोधक बिंदुओं और तटीय बुनियादी ढाँचे को खतरे में डालने की क्षमता प्रदर्शित करने के लिए किया जा सकता है। पाकिस्तान का लगभग 70 प्रतिशत व्यापार कथित तौर पर कराची बंदरगाह और बिन कासिम से होकर गुजरता है, जिससे ये सुविधाएँ रणनीतिक रूप से संवेदनशील हो जाती हैं।

सूत्रों ने आगे कहा कि भारत का दक्षिणी क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने का उद्देश्य एक स्पष्ट संदेश देना है। देश केवल पंजाब या कश्मीर में ही नहीं, बल्कि कई मोर्चे खोल सकता है। उन्होंने कहा कि सर क्रीक-बदीन-कराची क्षेत्र पाकिस्तान के सबसे कमज़ोर सैन्य क्षेत्रों में से एक है: अपेक्षाकृत समतल, कम सुरक्षा वाला और सैन्य दृष्टि से खुला। उनका कहना है कि चिंता यह है कि वहाँ कोई भी सफल हमला या विस्तारित अभियान कराची को अलग-थलग कर सकता है और पाकिस्तान के समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति को बाधित कर सकता है।

हालाँकि, भारत का रक्षा मंत्रालय ऐसे NOTAM-परिभाषित अभ्यासों को नियमित तैयारी उपाय बताता है। भारतीय अधिकारी आमतौर पर इस बात पर ज़ोर देते हैं कि अंतरराष्ट्रीय सीमाओं पर प्रशिक्षण संयुक्त परिचालन तत्परता को प्रमाणित करने के लिए एक मानक अभ्यास है। फ़िलहाल, पाकिस्तानी कमांड हाई अलर्ट पर हैं क्योंकि दोनों पक्ष पश्चिमी समुद्री और ज़मीनी रास्तों पर गतिविधियों पर नज़र रख रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि यह घटना इस बात को रेखांकित करती है कि बड़े पैमाने पर अभ्यासों के ज़रिए सैन्य संकेत देने से सीमा पार तीव्र राजनीतिक और रणनीतिक चिंताएँ पैदा हो सकती हैं, भले ही इस गतिविधि को नियमित प्रशिक्षण के रूप में ही क्यों न देखा गया हो।

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