पुलिस आयुक्त द्वारा होटल व्यवसाइयों को साइबर अपराधों के प्रति किया गया जागरूक

  • साइबर फ्राड की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल कर सूचना दें

कानपुर। होटल एवं आतिथ्य व्यवसाय से जुड़े कारोबारियों को सुरक्षित एवं अनुकूल वातावरण प्रदान करने के उद्देश्य से पुलिस आयुक्त कार्यालय स्थित सभागार में होटल व्यवसाइयों के साथ एक गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी की अध्यक्षता रघुबीर लाल, पुलिस आयुक्त द्वारा की गई।

गोष्ठी में विनोद कुमार सिंह, संयुक्त पुलिस आयुक्त (मुख्यालय/अपराध) तथा दिनेश त्रिपाठी, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय), महेश कुमार, अपर पुलिस उपायुक्त (अभिसूचना) तथा अमरनाथ यादव, स्टाफ ऑफिसर उपस्थित रहे।

उन्होंने कहा कि ‘साइबर अपराध से बचाव का सबसे प्रभावी उपाय जागरूकता है’। उन्होंने सभी कारोबारियों से अपील की कि किसी भी अज्ञात मोबाइल नंबर, ई-मेल, व्हाट्सएप संदेश, लिंक अथवा फाइल से सतर्क रहें, किसी को भी ओटीपी साझा न करें तथा साइबर फ्राड की स्थिति में तत्काल 1930 पर कॉल कर सूचना दें, जिससे धनराशि की रिकवरी की पूर्ण संभावनाएं बनी रहती हैं।

इस अवसर पर पुलिस आयुक्त द्वारा वर्ष 2009 में अपने हरदोई पुलिस अधीक्षक कार्यकाल के दौरान घटित एक अपहरण की घटना का उल्लेख करते हुए बताया गया कि कैसे एक होटल संचालक द्वारा उपलब्ध कराए गए डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर अपहृत व्यक्ति को सकुशल मुक्त कराते हुए आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की गई थी।

पुलिस आयुक्त द्वारा होटल संचालकों से कुछ बिंदुओं पर विशेष ध्यान देने को कहा 

होटल में नियुक्त समस्त हाउसकीपिंग स्टाफ, सेफ, सुरक्षा गार्ड आदि का अनिवार्य रूप से पुलिस वैरिफिकेशन कराया जाए।

होटल/पार्टी लॉन में देर रात्रि तक होने वाले आयोजनों में महिला स्टाफ की तैनाती सुनिश्चित की जाए तथा महिला कर्मचारियों के सुरक्षित आवागमन की समुचित व्यवस्था की जाए।

होटल, गेस्ट हाउस एवं पार्टी लॉन में सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएं तथा फुटेज को कम से कम एक माह या उससे अधिक समय तक सुरक्षित रखा जाए। कैमरों की व्यवस्था इस प्रकार हो कि सड़क, पार्किंग एवं पोर्टिको क्षेत्र भी कवर हों।

वाहनों की पार्किंग केवल निर्धारित पार्किंग स्थल पर ही कराई जाए । जहां पार्किंग की समुचित व्यवस्था नहीं है, वहां सुरक्षा गार्ड एवं कर्मचारियों के माध्यम से व्यवस्थित पार्किंग कराई जाए, जिससे सड़क जाम एवं यातायात बाधित न हो। आवश्यकता पड़ने पर पुलिस की सहायता ली जाए।

किसी भी विदेशी नागरिक के होटल में ठहरने की स्थिति में पासपोर्ट से फोटो मिलान कर नियमानुसार अभिसूचना एवं स्थानीय पुलिस को सूचना दी जाए।

होटल में ठहरने वाले सभी आगंतुकों की पहचान, प्रमाणिक मोबाइल नंबर तथा स्थानीय संदर्भ व्यक्ति का विवरण अभिलेखों में सुरक्षित रखा जाए ।

होटल, रेस्टोरेंट एवं पार्टी लॉन में अवैध हुक्का बार, शराब अथवा अन्य नशीले पदार्थों के सेवन की अनुमति न दी जाए तथा असामाजिक तत्वों एवं ड्रग तस्करों को किसी भी प्रकार का संरक्षण न दिया जाए ।

सुरक्षा की दृष्टि से होटल परिसरों में डीएफएमडी (डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर) लगाए जाएं एवं प्रशिक्षित सुरक्षा गार्ड नियुक्त किए जाएं ।

इसके उपरांत पुलिस आयुक्त द्वारा उपस्थित कारोबारियों से उनकी समस्याओं, अपेक्षाओं एवं सुझावों को आमंत्रित किया गया। इस क्रम में होटल गंगा वैली के अमित द्वारा साइबर अवेयरनेस के लिए समय-समय पर डेमो आयोजित किए जाने का सुझाव दिया गया। पंडित होटल के संचालक एवं पूर्व अध्यक्ष होटल एसोसिएशन विजय पंडित द्वारा चौराहों की खराब लाइटें, फुटपाथ पर अतिक्रमण एवं चोक सीवर लाइन जैसी समस्याओं की ओर ध्यान आकर्षित किया गया ।
रॉयल इन होटल, काकादेव के संचालक द्वारा ई-रिक्शा अतिक्रमण तथा मोतीझील स्थित बाल उद्यान के बाहर अवैध अतिक्रमण के कारण उनके होटल व्यवसाय को हो रहे नुकसान की जानकारी दी गई ।

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