सड़क सुरक्षा अभियान के दौरान यातायात पुलिस ने किए 10,108 चालान, सड़क हादसों में आई कमी

  • जिलाधिकारी की अध्यक्षता में सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित
  • रोड कटिंग के बाद रोड की मरम्मत न करने वाले जिम्मेदारों के खिलाफ होगी कार्रवाई
कानपुर। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में जिला सड़क सुरक्षा समिति की बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिलाधिकारी ने कहा कि यातायात नियम सुझाव नहीं, जीवन रक्षा के नियम हैं। इनका पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा। समीक्षा में सामने आया कि प्रवर्तन में बढ़ी सख्ती का सीधा असर दुर्घटनाओं के आंकड़ों में दिखाई दे रहा है।
जनवरी 2026 में चलाए गए विशेष अभियान के दौरान यातायात पुलिस द्वारा 10,108 चालान किए गए। इनमें 6,297 ओवर स्पीड, 1,307 नो पार्किंग, 996 हेलमेट न पहनने और 938 विपरीत दिशा में वाहन संचालन के मामले शामिल रहे। इससे पहले नवंबर 2025 में 2,267 और दिसंबर 2025 में 3,202 चालान किए गए थे।
प्रवर्तन के समानांतर दुर्घटनाओं में भी लगातार कमी दर्ज की गई। नवंबर 2024 की तुलना में नवंबर 2025 में दुर्घटनाएं 34 से घटकर 26 रहीं। मृतकों की संख्या 19 से घटकर 14 और घायलों की संख्या 23 से घटकर 13 हो गई। दिसंबर 2024 में 57 दुर्घटनाएं थीं, जो दिसंबर 2025 में घटकर 37 रह गईं। जनवरी 2025 में 37 दुर्घटनाओं के मुकाबले जनवरी 2026 में यह संख्या घटकर 24 रह गई। मृतक 26 से घटकर 17 और घायल 23 से घटकर 9 हो गए। ओवर स्पीड और गलत दिशा में वाहन संचालन पर केंद्रित सख्ती से सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं।
जनपद के क्रिटिकल कॉरिडोर पर महाराजपुर, चकेरी, नौबस्ता, गोविन्दनगर, गुजैनी, बर्रा, हनुमन्त विहार, पनकी, सचेण्डी, बिठूर, शिवराजपुर, चौबेपुर, बिल्हौर, अरौल, बिधनू, साढ़, घाटमपुर और सजेती सहित 18 थानों को शामिल करते हुए 20 विशेष टीमें गठित की गई हैं। चौबेपुर और घाटमपुर से दो-दो टीमें बनाई गई हैं। प्रत्येक टीम में एक प्रभारी उपनिरीक्षक और चार आरक्षी तैनात हैं। टीमों को स्पीड लेजर गन, बॉडी वॉर्न कैमरा, डेसीबल मीटर, ब्रेथ एनालाइजर, रिफ्लेक्टिव जैकेट, सर्च लाइट, लाउड हेलर, फर्स्ट एड किट और स्ट्रेचर जैसे उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे प्रवर्तन के साथ आपात स्थिति में त्वरित सहायता भी सुनिश्चित हो सके।
बैठक में सड़कों की गुणवत्ता और जवाबदेही पर भी कड़ा रुख अपनाया गया। लोक निर्माण विभाग, नगर निगम और राष्ट्रीय राजमार्ग से खुदी सड़कों की सूची मांगी गई। रावतपुर क्रॉसिंग से डबल पुलिया तक क्षतिग्रस्त सड़क के मामले में जल निगम/जलकल की रोड कटिंग पर नाराजगी जताते हुए संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई का प्रस्ताव शासन को भेजने के निर्देश दिए गए। डीएम ने विगत तीन वर्षों के दौरान विभिन्न कार्यदायी संस्थाओं द्वारा की गई रोड कटिंग का ब्यौरा तलब किया।
नगर निगम के चीफ इंजीनियर और मुख्य चिकित्सा अधिकारी की अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि महत्वपूर्ण बैठकों में जिम्मेदार अधिकारियों की उपस्थिति अनिवार्य होगी। डीएम ने गोल्डन आवर में उपचार, राहवीर योजना और घायल को कैशलेस उपचार देने की योजना पीएम राहत के अधिक से अधिक प्रचार प्रसार का निर्देश दिया।
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सड़क सुरक्षा को दीर्घकालिक व्यवहार परिवर्तन से जोड़ा जाएगा। विद्यालयों के माध्यम से परिवारों तक जागरूकता अभियान चलाया जाएगा और प्रत्येक माह विषय आधारित विशेष कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। बैठक में डीसीपी यातायात रविंद्र कुमार, एआरटीओ तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Breaking News
शिवराज सिंह चौहान की अपील- कृषि अधिकारी एक साल तक ना खरीदें सोना, PM Modi के आह्वान पर लिया संकल्प  | Tamil Nadu में TVK सरकार पर Udhayanidhi Stalin का बड़ा हमला, बोले- जल्द सामने आएगा असली चेहरा | Kerala में CM Satheesan का आते ही Action: महिलाओं को Free Bus, आशा वर्कर्स को ₹3000 की सौगात | 'प्यार से नहीं माने तो दूसरा तरीका अपनाएंगे...', सड़कों पर Namaz को लेकर CM Yogi का 'Shift System' प्लान
Advertisement ×