- 147 प्रकरणों में 11 का मौके पर निस्तारण, 17 दिव्यांगजनों के बने यूडीआईडी कार्ड
कानपुर। दस वर्षों से अधिक समय से राजस्व अभिलेख दुरुस्त कराने के लिए दौड़ रहे यशोदा नगर निवासी प्रेमप्रकाश तिवारी की समस्या का सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस में समाधान हो गया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के समक्ष प्रकरण पहुंचने पर तत्काल अभिलेखीय जांच कराई गई और विधिक प्रक्रिया के अनुरूप अनधिकृत रूप से दर्ज काश्तकारों के नाम हटाकर संशोधित खतौनी उन्हें उपलब्ध करा दी गई।
जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह की अध्यक्षता में मर्चेंट चैंबर ऑफ कॉमर्स में आयोजित सदर तहसील के संपूर्ण समाधान दिवस में कुल 147 प्रकरण आए, जिनमें 11 का मौके पर ही निस्तारण कराया गया। इसी दौरान आयोजित विशेष शिविरों में 17 दिव्यांगजनों के यूडीआईडी कार्ड तथा 24 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड भी बनाए गए।
बिनगवां निवासी कंचन सिंह नया बिजली कनेक्शन न मिलने की समस्या लेकर पहुंचीं। जिलाधिकारी के निर्देश पर मौके पर ही झटपट पोर्टल से आवेदन कराया गया और विद्युत कनेक्शन जारी करा दिया गया। वहीं दिव्यांग पेंशन के लिए आय प्रमाण पत्र की जरूरत लेकर आए छपेड़ा पुलिया निवासी शिवम त्रिपाठी का शिविर में ही आय प्रमाण पत्र जारी कर उन्हें उपलब्ध करा दिया गया।
लक्ष्मीपुरवा निवासी केला देवी ने घर के सामने लंबे समय से कूड़ा एकत्र होने की शिकायत की। नगर निगम की टीम भेजकर तत्काल कूड़ा हटवाया गया। गंभीरपुर निवासी प्रकाश नारायण की शिकायत पर मोहल्ले में काफी समय से खराब स्ट्रीट लाइट ठीक करा दी गई।
रामचंद्र के बिजली बिल की जांच कर उन्हें वास्तविक स्थिति से अवगत कराया गया। मधू त्रिपाठी के विद्युत मीटर की रीडिंग एवं ओटीपी के आधार पर बिल दुरुस्त कराया गया। रूपरानी और सृजना देवी के नाम राजस्व अभिलेखों में सही कर खतौनी में दर्ज किए गए। लोकेन्द्र प्रताप सिंह के पिता की मृत्यु के बाद वरासत आवेदन स्वीकृत कराया गया।
मृतक विमल कुमार गौतम की पत्नी को आर्थिक सहायता दिए जाने के प्रकरण की भी मौके पर समीक्षा की गई। जांच में जिलाधिकारी स्तर से सहायता की स्वीकृति पूर्व में प्रदान किए जाने की पुष्टि हुई। जिलाधिकारी के निर्देश पर स्वीकृत धनराशि के अंतरण की कार्रवाई तत्काल सुनिश्चित कराई गई।
प्राप्त प्रकरणों में सर्वाधिक 50 राजस्व विभाग से संबंधित थे। इसके अतिरिक्त पुलिस विभाग के 18, केडीए के 19, नगर निगम के 25, केस्को के आठ, शिक्षा विभाग के सात तथा स्वास्थ्य विभाग के दो प्रकरण प्राप्त हुए। शेष प्रकरण अन्य विभागों से संबंधित रहे।
जिलाधिकारी ने शेष सभी प्रकरणों का शासनादेश में निर्धारित सात दिन की अवधि के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
संपूर्ण समाधान दिवस में डीसीपी सत्यजीत गुप्ता, मुख्य विकास अधिकारी अभिनव जैन, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट/एसडीएम सदर अनुभव सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. हरिदत्त नेमी, केडीए सचिव अभय पांडेय, अपर नगर आयुक्त अनूप कुमार सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
विशेष शिविर में 17 दिव्यांगजनों के बने यूडीआईडी कार्ड, पेंशन व सहायक उपकरण के लिए भी पंजीकरण
संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर सोमवार को मर्चेंट चैंबर हॉल में जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह के निर्देश पर आयोजित विशेष शिविर में दिव्यांगजनों को एक ही स्थान पर विभिन्न योजनाओं एवं सेवाओं से जोड़ा गया। विशेषज्ञ चिकित्सकों ने 20 दिव्यांगजनों का परीक्षण किया, जिनमें 17 के यूडीआईडी कार्ड बनाए गए, जबकि तीन को अग्रेतर जांच के लिए रेफर किया गया।
शिविर में पांच दिव्यांगजनों का पेंशन और आठ का सहायक उपकरण के लिए पंजीकरण किया गया। दो दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल के लिए चिह्नित किया गया, दो के एनपीसीआई लिंक बैंक खाते खोले गए तथा छह के आय प्रमाणपत्र के लिए आवेदन कराए गए।
विशेष शिविर में 24 किसानों के बने किसान क्रेडिट कार्ड
संपूर्ण समाधान दिवस के दौरान किसानों के लिए आयोजित विशेष शिविर में 24 किसानों के किसान क्रेडिट कार्ड बनाए गए। एलडीएम आदित्य चंद्रा ने बताया कि शिविर में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड योजना, इसकी उपयोगिता और उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को केसीसी का लाभ लेने के लिए जागरूक किया गया।
