- ₹1,30,000 मूल्य का मिलावटी आलू और फर्श पर इस्तेमाल होने वाला ‘सीमेंट कलर’ बरामद
- जांच के लिए भेजे गए 4 सैंपल, विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी में
कानपुर। आयुक्त खाद्य सुरक्षा उत्तर प्रदेश एवं जिलाधिकारी कानपुर नगर के कड़े दिशा-निर्देशों के अनुपालन में आज खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। सहायक आयुक्त (खाद्य)-द्वितीय के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बिल्हौर तहसील क्षेत्र में स्थित अनुज कोल्ड स्टोरेज एवं एम्पा कोल्ड स्टोरेज पर अचानक छापेमारी की गई। इस कार्रवाई से इलाके के कोल्ड स्टोरेज संचालकों और मिलावटखोरों में हड़कंप मच गया।

फर्श चमकाने वाले ‘सीमेंट कलर’ से रंगे जा रहे थे आलू
छापेमारी के दौरान खाद्य सुरक्षा विभाग की टीमों ने मौके पर आलू को कृत्रिम रूप से रंगते हुए रंगे हाथ पकड़ा। चौंकाने वाली बात यह है कि साधारण आलू को ‘लाल आलू’ (जो बाजार में महंगे दामों पर बिकता है) का रूप देने के लिए फर्श पर इस्तेमाल होने वाले ‘सीमेंट कलर’ (Cement Color for Floor) का इस्तेमाल किया जा रहा था। यह सिंथेटिक रंग मानव स्वास्थ्य के लिए बेहद हानिकारक और जानलेवा साबित हो सकता है।
सहायक आयुक्त (खाद्य) ने बताया: “मौके से लगभग 5000 किलोग्राम से अधिक वजन का कृत्रिम रूप से रंगा हुआ आलू जब्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत ₹1,30,000 आंकी गई है। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रंगे जा रहे आलू की पूरी खेप को अपने कब्जे में ले लिया है।”
विभाग द्वारा मौके से रंगने वाले हानिकारक पदार्थ और रंगीन आलू के कुल 4 नमूने (सैंपल्स) संग्रहित कर राजकीय प्रयोगशाला में जांच के लिए भेज दिए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, लैब की रिपोर्ट आने के बाद दोषियों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम (FSSAI) के तहत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने सख्त चेतावनी दी है कि जनता की सेहत के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी मिलावटखोर को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे अभियान आगे भी लगातार जारी रहेंगे।
