- काॅरिडोर-2 डिपो रैंप से विजय नगर स्टेशन के निकट स्थित रैंप तक ‘डाउनलाइन’ ट्रैक बनकर तैयार
कानपुर। कानपुर मेट्रो रेल परियोजना के लगभग 8.60 किमी लंबे कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) का निर्माण कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसी क्रम में उक्त काॅरिडोर के लगभग 4.10 किमी लंबे अंडरग्राउंड सेक्शन (रावतपुर – डबल पुलिया) के ‘डाउनलाइन टनल‘ में ट्रैक निर्माण का कार्य पूरा कर लिया है। इसके साथ ही काॅरिडोर-2 डिपो रैंप से विजय नगर स्टेशन के निकट स्थित रैंप तक ‘डाउनलाइन‘ ट्रैक अब बनकर तैयार हो गया है। वर्तमान में उक्त अंडरग्राउंड सेक्शन के ‘अप-लाइन‘ टनल और दो हिस्सों में बन रहे लगभग 4.50 किमी लंबे एलिवेटेड सेक्शन की दोनों लाइनों (अपलाइन और डाउनलाइन) पर भी ट्रैक निर्माण का कार्य तेजी से आगे बढ़ रहा है।
गौरतलब है कि इसी साल मार्च में कॉरिडोर-2 के अंडरग्राउंड सेक्शन की टनलिंग का कार्य पूरा करने के बाद ट्रैक निर्माण की प्रक्रिया आरंभ की गई थी। सबसे पहले रेल (पटरियों) की वेल्डिंग एवं ‘डाउनलाइन टनल’ के अंदर उन्हें बिछाने के कार्य की शुरुआत की गई। इसके लिए कॉरिडोर-2 डिपो रैंप के पास एफबीडब्ल्यू (फ्लैश बट वेल्डिंग) प्लांट को जमीन के नीचे लोअर किया गया। यहां रेल (पटरियों) की वेल्डिंग कर उन्हें ट्रैक्टर एवं अन्य उपकरणों की सहायता से टनल के भीतर बिछाया गया। पटरियां बिछाने के बाद ट्रैक स्लैब की ढलाई का कार्य आरंभ किया गया। ट्रैक में डिरेलमेंट गार्ड और थर्ड रेल लगाने की व्यवस्था भी की गई है।
गिट्टी-रहित ट्रैक का उपयोग
कानपुर मेट्रो के एलिवेटेड और अंडरग्राउंड दोनों सेक्शनों में बैलास्ट-लेस (गिट्टी-रहित) ट्रैक का उपयोग किया जाता है। ऐसे ट्रैक में रखरखाव की कम से कम आवश्यकता पड़ती है। मेट्रो सेवा में 15-16 घंटे के लंबे ट्रेन संचालन के दौरान, ट्रेनों को बहुत कम आवृत्ति पर संचालित किया जाता है। इसलिए इन घंटों के दौरान रखरखाव की लगभग कोई गुंजाइश नहीं होती है और एक ऐसी कुशल प्रणाली की आवश्यकता होती है जो कम से कम रखरखाव पर भी सुरक्षित और आरामदायक यात्रा की सुविधा प्रदान कर सके। बैलास्ट-लेस ट्रैक ये सारी सुविधाएं प्रदान करता है, साथ ही इसका जीवन-चक्र भी काफी लंबा होता है।
