यूपी के चंदौली जिले में सावन का झूला दो बच्चों की मौत का कारण बन गया। स्कूल से लौटते वक्त गोविंद मौर्य का 10 वर्षीय बेटा क्षितिज और 4 वर्षीय बेटी साक्षी नहर किनारे नीम के पेड़ पर बने साड़ी के झूले पर झूलने लगे। अनियंत्रित होकर साक्षी नहर में गिर गई, जिसे बचाने के लिए उसका भाई क्षितिज पानी में कूद पड़ा। नहर के गहरे पानी और तेज बहाव के कारण दोनों बच्चे डूब गए और पुलिस ने गोताखोरों की मदद से उनके शव बरामद किए। रक्षाबंधन से ठीक पहले इस घटना से पूरे इलाके में शोक का माहौल है।
जानकारी के मुताबिक मथेला के रहने वाले गोबिंद कुशवाहा का दस वर्षीय बेटा क्षितिज छह साल की लक्ष्मी और चार साल की साक्षी हैं। क्षितिज कक्षा चार में, लक्ष्मी कक्षा दो में बिसापुर प्राथमिक विद्यालय में पढ़ते थे। वहीं सबसे छोटी बेटी साक्षी बिसापुर प्राथमिक विद्यालय के आंगनबाड़ी केंद्र में जाती थी। सोमवार को छुट्टी होने के बाद घर पर बस्ता रखकर सामने नहर किनारे पेड़ पर लगे झूले पर साझी झूला झूल रही थी।
भाई क्षितिज उसे झूला झुला रहा था। इसी दौरान साक्षी का हाथ रस्सी से छूट गया और वह नहर में गिर गई। बहन को डूबते देख उसे बचाने में भाई क्षितिज भी नहर में चला गया। वहां दोनों को डूबता देख बहन लक्ष्मी दौड़कर घर पहुंची और लोगो को जानकारी दी। स्थानीय ग्रामीण नहर में कूदकर बच्चो को खोजने लगे। करीब आधे घण्टे बाद साक्षी का शव मिला। वहीं इसकी जानकारी होते ही जल पुलिस भी पहुंच गई।
करीब डेढ़ घण्टे बाद क्षितिज का शव नहर से मृत हाल में बरामद हुआ। ग्रामीणो की सूचना पर पहुंची बलुआ पुलिस ने दोनो को चहनियां प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले आयी जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंचे विधायक प्रभु नारायण सिंह ने उच्चाधिकारीयों को अवगत कराते हुए उपस्थित एसडीएम से शव को पीएम भेजने और उचित मुआवजा देने की मांग की। बलुआ पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पीएम को भेज दिया।
