- 110 घरों का किया गया निरीक्षण, 556 जल-पात्रों की जांच करने पर 40 स्थानों पर मिली लार्वा ब्रीडिंग
कानपुर। मुख्य चिकित्सा अधिकारी, कानपुर नगर के मौखिक निर्देशों के अनुपालन में नोडल अधिकारी (वीबीडी) डॉ. राजेश्वर सिंह एवं जिला मलेरिया अधिकारी अरुण कुमार सिंह के नेतृत्व में जनपदीय वीबीडी टीम द्वारा विकासखंड चौबेपुर के ग्राम किशनपुर का भ्रमण किया गया। टीम में सहयोगी संस्था पाथ के रीजनल कोऑर्डिनेटर डॉ. शिवकांत भी उपस्थित रहे।

भ्रमण के दौरान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चौबेपुर की विभागीय टीम द्वारा ग्राम में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जा रहा था। शिविर में ग्रामीणों को मलेरिया, डेंगू एवं अन्य मच्छरजनित रोगों के लक्षण, बचाव तथा समय से जांच एवं उपचार के संबंध में जागरूक किया गया। शिविर में 90 रोगियों को चिकित्सकीय परामर्श एवं औषधियां वितरित की गईं। इनमें 50 बुखार एवं लक्षणयुक्त रोगियों की मलेरिया तथा डेंगू की जांच की गई। मलेरिया की सभी जांच रिपोर्ट निगेटिव प्राप्त हुईं, जबकि डेंगू जांच के लिए एकत्र नमूनों को परीक्षण हेतु यूएचएम प्रयोगशाला भेजा गया।
जनपदीय वीबीडी टीम ने ग्रामीणों से घरों एवं आसपास अनावश्यक रूप से पानी जमा न होने देने, कूलर एवं पानी की टंकियों की नियमित सफाई करने तथा अनुपयोगी बर्तनों, टायरों एवं डिब्बों में पानी एकत्र न होने देने की अपील की। जलभराव वाले स्थानों पर आवश्यकतानुसार जला हुआ मोबिल ऑयल/केरोसिन ऑयल डालने, खुली त्वचा पर प्राकृतिक मच्छररोधी क्रीम का प्रयोग करने तथा शरीर के अधिकांश हिस्से को कपड़ों से ढककर रखने की सलाह दी गई। बुखार होने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने के लिए भी जागरूक किया गया।
सर्वेक्षण के दौरान टीम द्वारा 110 घरों का भ्रमण कर लगभग 556 जल-पात्रों एवं कंटेनरों की जांच की गई। जांच में लगभग 40 स्थानों/जल-पात्रों में मच्छर के लार्वा की ब्रीडिंग पाई गई, जिन्हें तत्काल समाप्त कराया गया। संबंधित गृहस्वामियों को भविष्य में पानी का ठहराव न होने देने के संबंध में आवश्यक जानकारी दी गई।
जनपदीय वीबीडी टीम ने स्थानीय स्वास्थ्य कर्मियों एवं फील्ड स्टाफ को वीबीडी सर्विलांस, फीवर केस डिटेक्शन, समयबद्ध रिपोर्टिंग, जांच एवं उपचार तथा मच्छर नियंत्रण गतिविधियों के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
स्वास्थ्य विभाग ने ग्रामीणों से अपील की कि मच्छरजनित रोगों की रोकथाम में जनसहभागिता अत्यंत महत्वपूर्ण है। अपने घर एवं आसपास पानी जमा न होने दें तथा बुखार होने पर स्वयं उपचार करने के बजाय तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराकर चिकित्सकीय परामर्श के अनुसार उचित उपचार प्राप्त करें।
