कचौड़ी बनाने के दौरान कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना जरूरी होता है। अगर आप भी मार्केट जैसे क्रिस्पी कचौड़ी घर पर बनाना चाहती हैं। तो हम आपको खस्ता कचौड़ी…
Author: bps news
रचना: आई होली खुशियों बाली
है आज फिजाएं रंगीली हो रही हवा भी मतवाली रग रग में रंग है रास रहा आई होली खुशियों बाली मन मन पक्षी सा चहक उठा नव खुसबू से तन महक उठा तन बसन रंगे है रंगो से तन निर्जर हुए उमंगों से अव कली कुसुम सी कल्पित हो इठलाती हो गौरवशाली आई होली खुशियों बाली तन मन जन जन का पुलकित है छवि प्रकृति करे आकर्षित है जग रंग से हुआ अलंकृत है यह छटा पुरातन संस्कृति है अब दिनकर भी रंग खेल रहा पूरब में छाई है लाली आई होली खुशियों बाली एकता गीत कलनाद मनोहर सस्यस्यामला के आंचल में विघ्न, कष्ट, क्षल, दंभ द्वेष सब भूल गए है पल दो पल में खता मेंट कर, पुनः भेंट कर सुलह प्रेम की दे ताली आई होली खुशियों बाली विश्व संस्कृति ज्ञान कला की यहीं खान है सदा रही…
